चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
हरेला कार्यक्रम के तहत भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ, उत्तराखंड की चमोली इकाई ने विभिन्न विभागों के सहयोग से ग्राम बन्दरखण्ड स्थित अलकनंदा नदी तट के शिवालय मंदिर परिसर में वृहद वृक्षारोपण कर उनके संरक्षण की शपथ ली।
कार्यक्रम की शुरुआत शिव मंदिर में पूजा अर्चना से की गई। वृक्षारोपण कार्यक्रम में बंदरखंड महिला संगठन, युवकों के अलावा आईटीबीपी, वन विभाग, उद्यान विभाग, स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं ने पारंपरिक हरेला गीत गाकर पर्व की खुशियां मनाईं। इस मौके पर विभिन्न प्रजातियों के लगभग 100 से अधिक छायादार व फलदार पौधों का रोपण किया गया।
भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष दिगपाल गुंसाई ने सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है,उससे अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण करना है। उन्होंने आईटीबीपी की 8 वीं वाहनी के सैनानी मनोहर सिंह रावत के अलावा वन विभाग, उद्यान विभाग के अलावा पालिका के सफाई कर्मियों का सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संगठन प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रवीर गायत्री के नेतृत्व में भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आईटीबीपी के सैनानी मनोहर सिंह रावत के प्रतिनिधि के रूप में उप सेनानी विनोद कुमार ने कहा कि वृक्ष लगाना एक मात्र उद्देश्य नही होना चाहिए बल्कि लगाए गए पौधों को कैसे जिंदा रखा जाय यह महत्वपूर्ण है। बंदरखंड ग्राम समिति के अध्यक्ष जगदीश कनवासी ने भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की सराहना करते हुए का कि उनके द्वारा रोपे गए पौधों का संरक्षण करने का जिम्मा ग्रामवासी लेते हैं।
इस अवसर पर दर्शन लाल, वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, बीट अधिकारी सम्पत सिंह रावत, राजकिशोर थपलियाल, उद्यान विभाग के नरेंद्र बिष्ट, विधिक सेवा प्राधिकरण के देवेन्द्र कुमार, सभासद विनोद कनवासी सहित पत्रकार संघ महामंत्री खुशाल सिंह असवाल, प्रदीप लखेड़ा, अरूण मिश्रा, देवेन्द्र गुसाईं,भानू प्रकाश नेगी, के साथ ही लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार, लक्ष्मण पटवाल, महिला संगठन की अध्यक्ष सतेश्वरी कनवासी, विनीता भंडारी,सरिता भंडारी, जौसी भंडारी,दीपा भंडारी, शकुंतला भंडारी, पूनम कनवासी, पुनीता कनवासी, प्रभा कनवासी,आशा कनवासी, सतेश्वरी कनवासी, संतोषी ,अरूणा, गुड्डी, निधि, बिमला, गुड्डी, रामेश्वरी, राजेश्वरी, उर्मिला,शशि, सोबती, जमनोत्री, शुशीला,आशा,बीना, सरिता, माधुरी मनोरमा, कंचन,जशुंधरा, उर्मिला,किसमति, जशोदा, सावित्री,सुषमा, विजया, नीलम सुनीता, अंजलि, उर्मिला, रामभरत, मिलन, मयंक, गौरव, अखिलेश, राजे सिंह, दिलबर, मदन कनवासी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
*रोपित पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प*
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने रोपित पौधों की नियमित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि हरेला पर्व केवल पौधरोपण का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी संदेश देता है।









