सीडीओ अभिनव शाह ने चिकित्सा प्रबंधन समितियों की बैठक में दिए निर्देश, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक भोजन और आयुष्मान योजना का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर
देहरादून, जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित चिकित्सा प्रबंधन समितियों की त्रैमासिक बैठक में उप जिला चिकित्सालय मसूरी, ऋषिकेश, विकासनगर, प्रेमनगर तथा राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई के विकास एवं चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में गत वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का अनुमोदन करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर भी सहमति दी गई।
बैठक में सीडीओ अभिनव शाह ने निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में अग्निशमन विभाग के सहयोग से अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने उप जिला चिकित्सालय प्रेमनगर के लिए जिला योजना के अंतर्गत शीघ्र एंबुलेंस उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजने तथा आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से वार्ड बॉय, कंप्यूटर सहायक सहित आवश्यक कार्मिकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सीडीओ ने कहा कि अस्पतालों में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) का प्रभावी संचालन, पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यूजर चार्ज, चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। जिन अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ और एसएनसीयू जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां प्रसव संबंधी मामलों में अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति समाप्त की जाए। उन्होंने चिकित्सा प्रबंधन समिति के सदस्यों से समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करने तथा व्यावहारिक सुझाव देने का भी आह्वान किया।
बैठक में विभिन्न अस्पतालों ने वर्ष 2026-27 के लिए अपने बजट एवं विकास प्रस्ताव प्रस्तुत किए। प्रेमनगर अस्पताल ने करीब 1.40 करोड़ रुपये, विकासनगर ने 1.76 करोड़ रुपये, मसूरी अस्पताल ने 1.78 करोड़ रुपये, एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश ने 5.52 करोड़ रुपये तथा राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई ने 5.55 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इन प्रस्तावों में एंबुलेंस, फायर सेफ्टी सिस्टम, मेडिकल गैस पाइपलाइन, ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू के लिए जनरेटर, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों का अनुरक्षण, ब्लड बैंक सेवाओं, प्रशिक्षित मानव संसाधन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सीएमएस डॉ. परामर्श जोशी, विभिन्न चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि तथा चिकित्सा प्रबंधन समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।









