देहरादून। भविष्य के शहरों को स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। डिजिटल सेवाओं, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, रियल-टाइम सूचना और आधुनिक तकनीक के माध्यम से न केवल नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकता है, बल्कि पर्यटकों को भी सुगम और बेहतर अनुभव दिया जा सकता है।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में भविष्य के शहरों के विकास पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। समापन समारोह की मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री एवं देहरादून कैंट विधायक श्रीमती सविता कपूर ने कहा कि आज के शहर ही आने वाले कल की तस्वीर तय करेंगे। ऐसे में शहरी विकास की योजनाएं तैयार करते समय हर पहलू और मापदंड को ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के विकास में आधुनिक तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अभिज्ञान एआईक्यू के चीफ एआई स्ट्रैटेजी ऑफिसर शुभम सिंह ने कहा कि भविष्य के स्मार्ट शहरों की मजबूत नींव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा पर आधारित होगी। एआई के प्रभावी इस्तेमाल से ट्रैफिक प्रबंधन, ऊर्जा की खपत, सार्वजनिक सेवाओं, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाया जा सकता है।

सम्मेलन में भविष्य के शहरों की बदलती जरूरतों, तकनीकी नवाचार, डिजिटल समाधान, सुरक्षित एवं सुगम शहरी सेवाओं तथा पर्यावरण अनुकूल विकास पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के दौरान कुल 46 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इक्वाडोर, अमेरिका, सिंगापुर, माल्टा और आयरलैंड सहित 18 देशों के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और ग्लोबल चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. वीसी डॉ. संतोष एस. सर्राफ, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के हेड डॉ. राजेश तिवारी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।













