चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
बद्रीनाथ धाम एवं माणा में आयोजित दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर (चमोली) के छात्र-छात्राओं ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए महाविद्यालय एवं जनपद का गौरव बढ़ाया।
19 एवं 20 सितंबर 2026 को आयोजित देवभूमि महोत्सव में महाविद्यालय की टीम ने लोक नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तथा लोकगीत प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा,लोक संगीत,लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की। महोत्सव का आयोजन भारतीय सेना एवं चमोली जिला प्रशासन द्वारा ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत किया गया।
“हमारी विरासत, हमारा भविष्य” थीम पर आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं एवं सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण एवं व्यापक पहचान प्रदान करना है। बद्रीनाथ की पावन धरती पर आयोजित इस महोत्सव में गढ़वाली लोकगीत,लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्रों तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति से रूबरू कराया।
इस उपलब्धि पर आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो एमपी नगवाल ने इसे गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए प्रतिभागी विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सफलता से क्षेत्र के युवाओं में अपनी लोकभाषा, लोकसंगीत एवं लोक संस्कृति के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है और लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण कदम है। टीम को सफल नेतृत्व करने एवं कुशल मार्गदर्शन पर महाविद्यालय के संगीत विभाग प्रभारी चन्द्रप्रभा भारती, डॉ घनश्याम, डॉ रमाकांत, डॉ गुंजन माथुर और डॉ राजदीप लखेड़ा का प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा आभार व्यक्त किया गया।













