देहरादून, । उत्तराखंड में कांग्रेस की प्रस्तावित ‘भूमि बचाओ यात्रा’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस की इस यात्रा पर भाजपा ने तीखा पलटवार करते हुए इसे प्रदेश में अपनी खोई राजनीतिक जमीन तलाशने की कवायद बताया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में भूमि आवंटन को लेकर कई विवाद सामने आए, वही आज भूमि बचाने के नाम पर जनता के बीच जाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए, क्योंकि भाजपा प्रदेश की जनता की जमीन बचाने का काम कर रही है, जबकि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने में जुटी है।
देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में चमोली ने कांग्रेस की प्रस्तावित यात्रा की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश में भूमाफिया संस्कृति को बढ़ावा मिला और भूमि आवंटन के नाम पर कई ऐसे फैसले हुए, जिनकी निष्पक्षता और औचित्य पर आज भी सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भूमि बचाओ यात्रा निकालने से पहले अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों और उनसे जुड़े विवादों का जवाब जनता को देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यात्रा का मकसद भूमि संरक्षण से अधिक भाजपा सरकार के विकास कार्यों, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को लेकर भ्रम पैदा करना है। चमोली ने कहा कि प्रदेश में निवेश के नए अवसर पैदा करने, उद्योगों को प्रोत्साहित करने और पर्यटन एवं शिक्षा के क्षेत्र में संभावनाएं विकसित करने के प्रयासों का कांग्रेस राजनीतिक विरोध कर रही है।
धोलास और नैनीसार प्रकरणों का हवाला देकर कांग्रेस को घेरा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों का जिक्र करते हुए देहरादून के धोलास क्षेत्र का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में शेखुल्ला एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब 20 एकड़ भूमि रियायती दरों पर आवंटित की गई थी। चमोली के अनुसार, बाद में इस भूमि पर प्लॉटिंग कर उसे अलग-अलग लोगों को बेचा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा के उद्देश्य से आवंटित भूमि का इस तरह उपयोग कैसे हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी थी।
इसी क्रम में उन्होंने अल्मोड़ा के नैनीसार में जिंदल ग्रुप से जुड़े एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब सात हेक्टेयर यानी 17 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित किए जाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस आवंटन का स्थानीय लोगों ने विरोध किया था और इसके खिलाफ लंबा आंदोलन चला। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों को राहत मिली।
चमोली ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जब शिक्षा और पर्यटन के नाम पर भूमि आवंटित की जाती थी, तब उसे विकास और निवेश से जोड़कर पेश किया जाता था, लेकिन भाजपा सरकार प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात करती है तो कांग्रेस विरोध करने लगती है। उन्होंने इसे कांग्रेस की दोहरी राजनीतिक नीति करार दिया।
57 भूमि आवंटनों का जिक्र, बेहद कम दरों पर जमीन देने का आरोप
चमोली ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए भूमि आवंटनों का आंकड़ा रखते हुए दावा किया कि एनडी तिवारी सरकार के समय से प्रदेश में करीब 57 भूमि आवंटन किए गए। इनमें 52 आवंटन गढ़वाल और पांच कुमाऊं क्षेत्र में बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें कई मामलों में बेहद कम कीमतों पर भूमि आवंटित की गई। कुछ मामलों में एक रुपये और 120 से 125 रुपये जैसी दरों पर जमीन दिए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
उन्होंने ऊधमसिंह नगर के एनएच भूमि मुआवजा प्रकरण को उठाते हुए आरोप लगाया कि इसमें बाजार दर से कई गुना अधिक मुआवजा दिए जाने का मामला सामने आया था। चमोली ने कहा कि भूमि आवंटन और मुआवजे से जुड़े ऐसे मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, ताकि प्रदेश के संसाधनों के इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
सख्त भू-कानून को बताया भूमि संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
भाजपा विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने भूमि की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भू-कानून को सख्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के कार्यकाल में बनाए गए भू-कानून का भी उल्लेख किया।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के नए भू-कानून में जमीनों की खरीद-फरोख्त और बाहरी लोगों द्वारा भूमि अधिग्रहण पर नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही सरकारी और सार्वजनिक भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए अभियान चलाया गया है।
चमोली ने दावा किया कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में कब्जाई गई 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को सरकार ने अतिक्रमणमुक्त कराया है। वहीं हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 80 एकड़ भूमि को लेकर भी सरकार की ओर से कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का स्पष्ट उद्देश्य प्रदेश की जमीन को अवैध कब्जों और अनधिकृत हस्तांतरण से सुरक्षित रखना है।
औद्योगिक पैकेज का मुद्दा उठाकर कांग्रेस की नीतियों पर निशाना
चमोली ने उत्तराखंड राज्य गठन के उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों का विकास, पलायन पर रोक और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना राज्य गठन की प्रमुख अपेक्षाएं थीं। इसके लिए पहाड़ों में उद्योग, शिक्षा संस्थान, पर्यटन और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों के कारण प्रदेश के औद्योगिक विकास को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार द्वारा उत्तराखंड को दिए गए औद्योगिक पैकेज का जिक्र करते हुए कहा कि बाद में मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में इसे बंद कर दिया गया, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास पर असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चाहती है कि पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश पहुंचे, बंद होते गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ें, स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिले और पर्यटन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। चमोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास और निवेश से जुड़े प्रयासों को भूमि बचाओ यात्रा के जरिए राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है।
‘जनता की जमीन बचा रही भाजपा, कांग्रेस बचाए अपनी राजनीतिक जमीन’
पत्रकार वार्ता के अंत में विनोद चमोली ने कांग्रेस की प्रस्तावित यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों और उनसे जुड़े विवादों को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल नारों और राजनीतिक यात्राओं के जरिए जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश की जमीन, संसाधनों और स्थानीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जनता के सहयोग से उत्तराखंड की भूमि को खुर्द-बुर्द नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस की भूमि बचाओ यात्रा प्रदेश की जमीन बचाने के बजाय अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, मीडिया सह प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक एवं कमलेश रमन भी मौजूद रहे।













