देहरादून। उत्तराखंड में उन्नत हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में पहली बार माइट्रल ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टीईईआर) प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई। अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव इस प्रक्रिया के बाद मरीज ने तेजी से रिकवरी की और उपचार के उपरांत उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
माइट्रल टीईईआर आधुनिक कार्डियोलॉजी की उन्नत कैथेटर आधारित उपचार तकनीक है। इसका उपयोग गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन से पीड़ित चयनित मरीजों में किया जाता है, खासकर ऐसे मरीजों में जिनके लिए ओपन-हार्ट सर्जरी का जोखिम अधिक हो सकता है। इस तकनीक में विशेष क्लिप आधारित सिस्टम के माध्यम से माइट्रल वाल्व की पत्तियों को एक-दूसरे के करीब लाया जाता है, जिससे वाल्व से रक्त के रिसाव को कम करने में मदद मिलती है और ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता से बचा जा सकता है।
कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. तनुज भाटिया ने बताया कि इस सफल प्रक्रिया के साथ अस्पताल के स्ट्रक्चरल हार्ट डिजीज प्रोग्राम का महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है। अस्पताल में पहले से उपलब्ध उन्नत स्ट्रक्चरल हार्ट प्रक्रियाओं के साथ अब माइट्रल वाल्व की ट्रांसकैथेटर इंटरवेंशन सुविधा भी उपलब्ध हो गई है। इससे गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे चयनित मरीजों को आधुनिक उपचार का विकल्प मिल सकेगा।
यह प्रक्रिया प्रो. डॉ. तनुज भाटिया, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी तथा डॉ. अशोक जयंत, विभागाध्यक्ष-कार्डियक थोरेसिक वैस्क्यूलर सर्जरी (सीटीवीएस) के नेतृत्व में की गई। इसमें स्ट्रक्चरल हार्ट टीम, कार्डियक एनेस्थीसिया, इकोकार्डियोग्राफी, कैथ-लैब, नर्सिंग और तकनीकी टीम ने समन्वित रूप से योगदान दिया।
चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने दी बधाई
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने इस उपलब्धि पर कार्डियोलॉजी विभाग सहित पूरी चिकित्सा टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को उत्तराखंड के मरीजों तक पहुंचाना और उन्हें बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण हृदय उपचार उपलब्ध कराना है।
उन्नत कार्डियक सुविधाओं का लगातार हो रहा विस्तार
अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने समय के साथ अपनी इंटरवेंशनल क्षमताओं का लगातार विस्तार किया है। विभाग में दो कार्डियक कैथेटराइजेशन लैबोरेटरी के साथ आईवीयूएस, ओसीटी और एनआईआरएस जैसी इंट्राकोरोनरी इमेजिंग सुविधाएं, कोरोनरी फिजियोलॉजी, जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन तथा ट्रांसकैथेटर वाल्व इंटरवेंशन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग ने अकादमिक एवं प्रशिक्षण क्षेत्र में भी विस्तार किया है। वर्ष 2026 में डीएम कार्डियोलॉजी की सीटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है।













