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डेंगू रोकथाम को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

By: Naveen Joshi

On: Sunday, May 17, 2026 3:44 PM

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रैपिड टेस्ट से इलाज तक सभी अस्पतालों को तैयार रखने के निर्देश, कंट्रोल रूम 24 घंटे रहेगा सक्रिय

हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी, जलभराव मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

देहरादून, । जिले में डेंगू एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर डेंगू नियंत्रण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डेंगू रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सक्रियता से कार्य करें।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के उपचार के लिए रैपिड टेस्ट, एलिसा टेस्ट, पर्याप्त दवाइयां, ब्लड बैंक, बेड तथा चिकित्सकों और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एलिसा टेस्टिंग किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में अस्पतालों की मशीनों को पूरी तरह सक्रिय रखने और डेंगू जांच के लिए लैब दरें निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि डेंगू का कोई भी मामला सामने आने पर त्वरित कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम एवं पूरी मशीनरी हर समय तैयार रहनी चाहिए।

देहरादून और ऋषिकेश नगर क्षेत्रों में आशा कार्यकत्रियों को वार्डवार जिम्मेदारी सौंपने, डोर-टू-डोर सर्वे कराने तथा रैपिड रिस्पांस टीम और वॉलिंटियर्स की तैनाती के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं अन्य जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आशा कार्यकत्रियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एनएचएम से एक हजार रुपये, नगर निगम से 1500 रुपये तथा जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त 1500 रुपये इंसेंटिव दिए जाएंगे।

स्कूलों में भी डेंगू जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि सभी विद्यालयों को एडवाइजरी जारी की जाए और बच्चों के लिए फुल बाजू की ड्रेस अनिवार्य की जाए। नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के कूड़ा संग्रहण वाहनों के माध्यम से डेंगू जागरूकता संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने नगर निगम को रिस्पना और बिंदाल नदी तटों सहित शहर के सभी छोटे-बड़े नालों एवं ड्रेनों की सफाई शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। डेंगू हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष फोकस करते हुए पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर्स तैनात करने तथा लार्विसाइड टैंकरों से नियमित रासायनिक छिड़काव एवं प्रत्येक वार्ड में नियमित फॉगिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कैंपस और सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव या डेंगू लार्वा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए भारी चालान काटे जाएंगे।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि बंजारावाला, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, क्लेमेंटाउन, राजस्थानी बस्ती और कार्गी क्षेत्र मच्छर प्रजनन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में जिले में डेंगू के 1201 मामले सामने आए थे, जिनमें 13 लोगों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2024 में केवल 37 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2025 में 785 मामले सामने आए, हालांकि किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। इस वर्ष अब तक पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मामले बाहरी राज्यों से संबंधित हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निधि रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के अधिकारी, आशा कार्यकत्रियां सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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