देहरादून, : भारत के सबसे भरोसेमंद फुटवियर ब्रांड बाटा इंडिया ने आज 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए। कंपनी का रेवेन्यू 861.8 करोड़ रुपये रहा। इस साल त्योहारी कैलेंडर का बड़ा हिस्सा तीसरी तिमाही में खिसकने के बावजूद, यह वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के 801.3 करोड़ रुपये के मुकाबले 7.5% से ज्यादा है। तिमाही में टैक्स के बाद मुनाफा (पीएटी) 18 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 13.8 करोड़ रुपये था। ऊंचे एएसपी (औसत बिक्री मूल्य) के सहारे मुनाफा 31% से ज्यादा बढ़ा।
इस तिमाही के एकमुश्त मदों (वन-ऑफ) में दो चीजें शामिल हैं: मुद्रा के लगातार अवमूल्यन की वजह से लाइसेंस फीस पर 3 करोड़ रुपये का नॉन-कैश फॉरेक्स नुकसान, और 3.9 करोड़ रुपये का एक बार का एसेट राइट-ऑफ। तिमाही में 321.3 करोड़ रुपये के सरप्लस फंड को स्पेशल डिविडेंड के रूप में बांटने से अन्य आय 4.6 करोड़ रुपये कम रही।
1 अक्टूबर 2026 से कार्यभार संभालने वाले बाटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संजय एस. राव ने नतीजों पर कहा, “तिमाही आधार पर ग्रोथ की रफ्तार लगातार चौथी तिमाही में बनी रही। दूसरी तिमाही में टॉपलाइन 7.5% से ज्यादा बढ़ी। रिटेल में एलएफएल और एएसपी की ग्रोथ मजबूत रही, और फ्रेंचाइजी व आईएंडडी चैनल दहाई अंकों में बढ़े।”
उन्होंने आगे कहा, “ग्रॉस मार्जिन में मामूली सुधार हुआ और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस लगातार बेहतर होती रही। इन्वेंट्री मात्रा और क्वॉलिटी, दोनों के लिहाज से सुधरी है। फ्रेशनेस 92% पर है और नेट स्टॉक 30 सितंबर 2025 के मुकाबले 7% कम है। अब हमारे पास 2,000 से ज्यादा स्टोर (फ्रेंचाइजी समेत) और 3,800 से ज्यादा केआरओ हैं, और फुटफॉल बढ़ाने के लिए हम नेटवर्क को ऑप्टिमाइज कर रहे हैं। जीरो बेस मर्चेंडाइजिंग अब 850 स्टोर में लागू है। इससे ग्राहकों का अनुभव और प्रति वर्ग फुट रेवेन्यू, दोनों बेहतर हुए हैं। ऊंची इनपुट लागत और वेतन में बदलाव के बावजूद फ्रेशनेस और समझदारी भरी सोर्सिंग के दम पर हमारी फुल-प्राइस बिक्री अपने सबसे ऊंचे स्तर पर रही और छूट पर बिक्री (मार्कडाउन) कम हुई। प्रीमियमाइजेशन, नेटवर्क विस्तार, ज्यादा सटीक प्रोडक्ट रेंज, वॉल्यूम ग्रोथ, ग्राहकों से जुड़ाव, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और अनुशासित पूंजी आवंटन से मुनाफे वाली ग्रोथ हासिल करने पर हमारा ध्यान बना हुआ है। त्योहारी कारोबार तीसरी तिमाही में खिसक गया है, इसलिए हमें उम्मीद है कि ग्रोथ की रफ्तार आगे भी जारी रहेगी।”













