देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल), टिहरी गढ़वाल की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार कर लिया है। प्रोफेसर सुमन पर दो अन्य आरोपियों—मोहम्मद खालिद और उसकी बहन सबीहा—के साथ मिलकर पेपर लीक की साज़िश में शामिल होने का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार के अनुरोध पर यह केस CBI को हस्तांतरित किया गया था। CBI ने आरोपी भाई-बहन को पुलिस कस्टडी में लेकर विस्तृत पूछताछ की थी। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ और अन्य साक्ष्यों की जांच के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
CBI के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि परीक्षा के दौरान आरोपी महिला (सबीहा) द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रश्नपत्र के कुछ हिस्सों को असिस्टेंट प्रोफेसर ने हल किया था और सॉल्यूशन आरोपी प्राइवेट व्यक्ति तक पहुंचाए गए थे, जो परीक्षा में सम्मिलित हुआ था।
CBI ने आज 28 नवंबर 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण के बाद निर्धारित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी ने बताया कि मामले में जांच प्रतिदिन प्रगति पर है और आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे संभव हैं।
