ऋषिकेश, । श्री बदरीनाथ-केदारनाथ धाम की यात्रा के द्वितीय चरण को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। ऋषिकेश स्थित बीकेटीसी के ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रदेश सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया गया।
भगवान बदरीविशाल और भगवान केदारनाथ की स्तुति के साथ बैठक का शुभारंभ हुआ। इसके बाद विशेष आमंत्रित सदस्यों का स्वागत किया गया तथा पिछली बैठक की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। बैठक में आगामी यात्रा चरण को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं और प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देशन में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा के द्वितीय चरण में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंदिर समिति पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने में प्रदेश सरकार, प्रशासन, स्थानीय लोगों और यात्रा से जुड़े सभी विभागों के सहयोग के लिए आभार जताया।
उन्होंने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री हेमकुंड साहिब सहित चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि 32 लाख से अधिक श्रद्धालु श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। चारधाम यात्रा के लिए अब तक 60 लाख से अधिक पंजीकरण किए जा चुके हैं।
बीकेटीसी के अनुसार, अब तक 17,22,908 श्रद्धालु श्री बदरीनाथ धाम तथा 14,92,047 श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। दोनों धामों से मंदिर समिति को 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। अध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक करीब 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचे हैं, जबकि धामों के कपाट बंद होने में अभी करीब दो माह का समय शेष है।
यात्रा व्यवस्थाओं को बनाया जाएगा और मजबूत
बैठक का संचालन करते हुए बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने एजेंडा सदस्यों के समक्ष रखा। इसमें मुख्य रूप से द्वितीय चरण की यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने पर चर्चा हुई। धामों और अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था को मजबूत करने, वेबसाइट के आधुनिकीकरण, यात्रा एसओपी, चढ़ावे की गणना को अधिक पारदर्शी बनाने तथा भीड़ प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों की सहायता लेने संबंधी प्रस्तावों पर विचार किया गया।
बैठक में गुप्तकाशी के शोणितपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नामकरण बीकेटीसी के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के जीर्णोद्धार के द्वितीय चरण, श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार तथा श्री त्रियुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें पारित किया गया।
कार्मिकों के हितों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा
बोर्ड बैठक में अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति तथा असमय दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने संबंधी विषयों पर भी चर्चा हुई। बिना स्थायी हुए कार्मिकों के अधिवर्षता आयु पूरी करने पर एकमुश्त राशि दिए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
इसके साथ ही हक-हकूकधारियों, दस्तूरधारियों और बाजीगरों के आवेदनों तथा दस्तूर से संबंधित मामलों, कर्मचारी सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन और वेद संस्कृत महाविद्यालय खोले जाने जैसे विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। चर्चा के बाद कई प्रस्तावों को बोर्ड की मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सदस्य नीलम पुरी, राजपाल सिंह जड़धारी, महेंद्र शर्मा, दिनेश डोभाल, विनीत पोस्ती, प्रहलाद पुष्पवान, देवी प्रसाद दैवली, राजेंद्र डिमरी, धीरज पंचभैया मोनू, राकेश भंडारी, कमला बगवाड़ी, जेपी सेमवाल, राजकुमार तिवारी, रजनीश भट्ट सहित मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, एसएस बर्त्वाल, नोडल अधिकारी राकेश सेमवाल, डॉ. हरीश गौड़, अतुल डिमरी, संजय भट्ट, विश्वनाथ, दीपेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा को लेकर बीकेटीसी ने कसी कमर
By: Naveen Joshi
On: Saturday, September 12, 2026 6:17 PM













