चमोली (प्रदीप लखेड़ा), उत्तराखंड – त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के तहत चमोली जनपद की रानों जिला पंचायत सीट से एक बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। इस सीट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता राजेंद्र भंडारी की पत्नी व निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को पूर्व सैनिक लक्ष्मण खत्री ने करारी मात देते हुए चौंकाने वाली जीत दर्ज की है।
चुनाव परिणामों में एक और चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि भारतीय जनता पार्टी के चमोली जिला अध्यक्ष गजपाल बर्तवाल भी चुनावी रेस में पीछे रह गए और चौथे स्थान पर सिमट गए। लक्ष्मण खत्री की इस शानदार जीत ने न केवल क्षेत्रीय राजनीति को झकझोर दिया है, बल्कि इससे भंडारी परिवार की सियासी पकड़ को भी गहरा झटका लगा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रजनी भंडारी की हार सिर्फ एक उम्मीदवार की पराजय नहीं, बल्कि इससे उनके पति राजेंद्र भंडारी के राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि राजेंद्र भंडारी हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे और बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में भी कांग्रेस के लखपत बुटोला से हार गए थे।
अब रानों सीट पर उनकी पत्नी की हार ने भंडारी परिवार के राजनीतिक समीकरणों को कमजोर किया है। जानकारों का मानना है कि यह परिणाम आगामी चुनावों में पार्टी रणनीति और नेताओं की स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है।
इस जीत के बाद पूर्व सैनिक लक्ष्मण खत्री न केवल एक मजबूत स्थानीय नेता बनकर उभरे हैं, बल्कि उन्होंने पारंपरिक राजनीति और प्रभावशाली चेहरों को चुनौती देने की मिसाल पेश की है।
