क्षेत्रीय विकास पर उत्तराखण्ड की ठोस पहल, मध्य क्षेत्रीय परिषद में रखे अहम प्रस्ताव

By: Naveen Joshi

On: Saturday, January 31, 2026 9:24 PM

Google News
Follow Us
------

 

देहरादून। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक में उत्तराखण्ड ने विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से रखते हुए सबसे प्रभावी प्रस्तुति दी। बैठक में उत्तराखण्ड द्वारा कुल 13 प्रमुख विषय प्रस्तुत किए गए, जो परिषद के अन्य सदस्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक रहे। राज्य द्वारा रखे गए बिंदुओं पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

यह बैठक उत्तराखण्ड के लिए विशेष महत्व की रही, क्योंकि इसमें राज्य के सामाजिक, आर्थिक और आधारभूत विकास से जुड़े मुद्दों को केंद्र स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया गया। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तथा वन एवं पर्यावरण आरके सुधांशु की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में प्रतिभाग किया।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की इस बैठक में परिषद के सदस्य राज्य छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में चारों राज्यों के सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के समाधान और आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु ने बताया कि बैठक अत्यंत प्रभावी रही। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड द्वारा प्रस्तुत सभी विषयों को ठोस तर्कों और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ रखा गया, जिस पर भारत सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए समुचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व में वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उठाए गए 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं को पुनः समीक्षा एवं भविष्य में प्रगति की निगरानी के लिए यथावत रखा गया था। बैठक में इन बिंदुओं—खाद्य सुरक्षा, महिलाओं व बच्चों से जुड़े यौन अपराधों एवं पाक्सो प्रकरणों, फास्ट ट्रैक कोर्ट, कुपोषण रोकथाम, ईआरएसएस-112, सहकारिता सुदृढ़ीकरण, आयुष्मान भारत योजना, प्रत्येक पांच किमी के दायरे में बैंक शाखा/आईपीपीबी स्थापना आदि—की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में राज्यों द्वारा अपनाई जा रही नवाचारपूर्ण पहलों और बेस्ट प्रैक्टिसेस पर भी चर्चा हुई। उत्तराखण्ड ने तीन प्रमुख बेस्ट प्रैक्टिसेस—स्टेट टू पिच सप्लाई चेन प्लान, डिजिटल एजुकेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DEMS) तथा सारा परियोजना के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन—का प्रस्तुतीकरण किया, जिसे सराहा गया।

बैठक से योजनाओं के क्रियान्वयन को मिलेगी गति—मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने विकास, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से रखा है। परिषद के सुझावों और सहमति के आधार पर राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्य सचिव की अगुवाई में हुई प्रभावी तैयारी

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक से पूर्व सभी संबंधित विभागों के साथ विस्तृत चर्चा कर प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया। इसके परिणामस्वरूप पहली बार उत्तराखण्ड द्वारा 13 विषय प्रस्तुत किए गए, जबकि छत्तीसगढ़ ने 4, मध्यप्रदेश ने 5 और उत्तरप्रदेश ने 3 विषय रखे। उत्तराखण्ड ने मेडिकल कॉलेज स्थापना मानकों में संशोधन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्धि, निराश्रित गोवंश संरक्षण, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्युत व सिंचाई संरचनाओं के पुनर्निर्माण मानक, रेल व आरआरटीएस विस्तार, आंगनबाड़ी मानदेय, आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

केंद्र सरकार द्वारा रखे गए प्रमुख विषय

बैठक में भारत सरकार ने ई-गवर्नेंस, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, सड़क-पुल पुनर्निर्माण, खनिज न्यास, मत्स्य पालन, ट्रेसेबिलिटी एवं एक्वा पार्क जैसी योजनाओं पर राज्यों से विचार-विमर्श किया।

एजेंडा तय करने का महत्वपूर्ण मंच

यह बैठक परिषद की मुख्य बैठक से पूर्व एजेंडा तय करने का अहम मंच मानी जाती है। यहां लिए गए निर्णय और सिफारिशें आगामी परिषद बैठक में प्रस्तुत की जाएंगी। बैठक में अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय और विकास परियोजनाओं की व्यावहारिक चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।

Static 1 Static 1

Naveen Joshi

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Leave a Comment