देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में जारी न्याय की मांग के बीच भाजपा के तत्कालीन प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने सोमवार को देहरादून के गांधी पार्क में एक घंटे का मौन व्रत रखा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाते हुए भाजपा पर प्रदेश की जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
मौन व्रत के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी का मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आज भी इस हत्याकांड से जुड़े सवालों के जवाब और न्याय की अपेक्षा कर रही है। ऐसे में दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने से जनमानस में उठ रहे सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के जरिए भाजपा ने उत्तराखंड और उत्तराखंडियत को चुनौती दी है। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की जनता के स्वाभिमान और भावनाओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग न रुकी है और न रुकेगी।”
वीआईपी प्रकरण पर निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर प्रदेश में लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए तथा जांच में जिसके भी विरुद्ध साक्ष्य मिलें, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्ति अपनी जगह है, लेकिन इससे किसी मामले में उठ रहे सवाल समाप्त नहीं हो जाते। भाजपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और प्रदेश की जनता की आशंकाओं का समाधान करने के लिए उसकी क्या प्रतिबद्धता है।
‘न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकता’
गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। कांग्रेस इस मामले में न्याय की मांग को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने से जुड़ी है। उन्होंने सिक्किम के लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की और कहा कि दुष्यंत गौतम को लेकर उठ रहे गंभीर आरोपों के संबंध में निष्पक्ष जांच और तथ्यों का सामने आना आवश्यक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गांधी पार्क में मौन व्रत के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का मुद्दा पार्टी के लिए प्राथमिकता बना रहेगा। जब तक मामले से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं होता और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती, तब तक कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
मौन व्रत के दौरान उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर कांग्रेस का भाजपा को जवाब—उत्तराखंडियत से समझौता नहीं
By: Naveen Joshi
On: Tuesday, October 13, 2026 5:10 PM













