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संस्कार और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी: मुख्यमंत्री धामी

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, October 21, 2026 9:05 PM

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक और व्यावसायिक सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। ज्ञान व्यक्ति को आगे बढ़ने का मार्ग दिखाता है, जबकि संस्कार उसे सही दिशा में चलने की प्रेरणा देते हैं। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का ज्ञान भी आवश्यक है।
देहरादून स्थित द टॉसब्रिज स्कूल में आयोजित संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कार दिवस केवल विद्यालय की स्थापना का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर भी है।
डॉ. कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत, दृढ़ संकल्प और अनुशासन भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उनकी आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि इससे लक्ष्य निर्धारित करने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि विद्यालय का उद्घाटन वर्ष 2015 में डॉ. कलाम ने किया था। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना भारत की पहचान है। सभी के प्रति सम्मान, बड़ों का आदर, विविधताओं को स्वीकार करना और जरूरतमंदों की सहायता करना भारतीय संस्कारों के अभिन्न अंग हैं।
ज्ञान के साथ कर्म भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने विद्यालय के ध्येय वाक्य ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है। ज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उसे व्यवहार में उतारकर समाज और राष्ट्र के हित में उपयोग किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ जिम्मेदारी, सेवा और कर्तव्य की भावना को भी जीवन में अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रौद्योगिकी, नवाचार और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को नई तकनीकों और कौशल में दक्षता हासिल करने के साथ योग, ध्यान, अनुशासन और संस्कारों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। आधुनिक ज्ञान और भारतीय जीवन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाएगा।
पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल विकास और रचनात्मकता को महत्व दिया जा रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रयासरत है। युवाओं को रोजगार पाने के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के तहत पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मेहनत और ईमानदारी से ही मिलेगी सफलता
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर सीखने की इच्छा ही सफलता का वास्तविक आधार हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। प्रत्येक विद्यार्थी में अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में शिक्षित, संस्कारित, कुशल और आत्मनिर्भर युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि द टॉसब्रिज स्कूल के विद्यार्थी अपने ज्ञान, प्रतिभा और अच्छे संस्कारों के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
समारोह में विद्यालय प्रबंधन एवं प्रशासन से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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