देहरादून। आचार्य सौरभ सागर महाराज ने कहा — जन्मदिन को परोपकार दिवस के रूप में मनाएं, सच्चा सुख सेवा में है गांधी रोड स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन में आयोजित कार्यक्रम में आचार्य सौरभ सागर महाराज ने अपने 55वें जन्मदिवस के अवसर पर प्रवचन देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के खास अवसरों को सेवा और परोपकार के कार्यों से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल लोग होटल और रेस्टोरेंट में उत्सव मनाकर खुशी तलाशते हैं, लेकिन वास्तविक आनंद सेवा और परोपकार में ही निहित है। आचार्य ने कहा कि सेवा के अनेक माध्यम हैं — कोई व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद की मदद कर सकता है। परोपकार की भावना से किया गया हर कार्य न केवल मनुष्य का, बल्कि समाज का भी कल्याण करता है।
इस अवसर पर सुबह 5:30 बजे से गुरु भक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन्मदिवस को भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ परोपकार दिवस के रूप में मनाया गया।
समारोह में श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले अनिल जैन एवं शशि जैन को आयोजन समितियों की ओर से मंगल तिलक सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, 31वीं पुष्प वर्षायोग समिति की ओर से दून अस्पताल, ग्राफिक एरा और सुभारती अस्पताल में मरीजों एवं जेल के कैदियों को फल वितरित किए गए। असहाय महिलाओं को कंबल, कुष्ठ आश्रम में अनाज-फल तथा पक्षियों को दाना वितरित किया गया। इस अवसर पर 55 पक्षियों को मुक्त भी कराया गया।
कार्यक्रम में अमित जैन दवाई वाले , मधु जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे और गुरु भक्ति तथा परोपकार कार्यों में सहभागी बने।
