देहरादून, आर्थिक तंगी से जूझ रही तथा पिता–विहीन परिवार की होनहार इंजीनियर युवती प्रियंका कुकरेती को जिला प्रशासन ने न केवल संकट से उबारा, बल्कि प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थान में लैब ऑफ़िसर पद पर नियुक्ति भी दिलाई है। साथ ही, प्रियंका को एम.टेक में प्रवेश दिलाने तथा उसकी पढ़ाई से जुड़ी पुस्तकें व फीस वहन करने का भी जिलाधिकारी सविन बंसल ने आश्वासन दिया है। चन्द्रबनी निवासी प्रियंका कुकरेती ने बीते अक्टूबर माह में अपनी माता के साथ जिलाधिकारी से मिलकर आर्थिक स्थिति खराब होने और शिक्षा व रोजगार में सहायता का अनुरोध किया था। उनकी पीड़ा सुनकर जिला प्रशासन ने तत्काल राइफल फंड से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी। इसके उपरांत, उनकी योग्यता के अनुरूप उन्हें निजी शिक्षण संस्थान में रोजगार उपलब्ध कराया गया।
नौकरी मिलने के बाद प्रियंका अपनी माता के साथ जिलाधिकारी का धन्यवाद करने कलक्ट्रेट पहुँची। मुलाकात के दौरान डीएम बंसल ने उनसे पूछा कि क्या वे नौकरी के साथ उच्च शिक्षा जारी रखना चाहती हैं। प्रियंका द्वारा हामी भरने पर जिलाधिकारी ने तुरंत ही संबंधित अधिकारियों को एम.टेक में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन तथा निजी संस्थान मिलकर प्रियंका की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च वहन करेंगे।
जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि प्रतिभाशाली बेटियों के कदम किसी भी स्थिति में रुकने नहीं दिए जाएंगे। आर्थिक तंगी से जूझ रही हर बालिका की शिक्षा को पुनर्जीवित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नंदा–सुनंदा योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 32 लाख रुपये की सहायता से 90 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है।. मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए “शिक्षित बेटियां–सशक्त समाज” के संदेश को देहरादून प्रशासन पूरी गंभीरता से क्रियान्वित कर रहा है। प्रियंका कुकरेती को रोजगार उपलब्ध कराने के बाद अब जिला प्रशासन उन्हें स्नातकोत्तर स्तर तक शिक्षित करने जा रहा है। अगले ही सत्र में प्रियंका का एम.टेक में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रियंका ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए इस सहयोग ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने अपनी माता के साथ जिलाधिकारी एवं उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया ।
