देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में विधानसभा सत्र शुरू हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस वर्ष दूसरी बार गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य गठन के बाद गैरसैंण में एक ही वर्ष में दो विधानसभा सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ गया है। इससे पहले इसी वर्ष मार्च में यहां बजट सत्र आयोजित किया गया था।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। तब से यहां समय-समय पर विधानसभा की कार्यवाही संचालित होती रही है। हालांकि, अलग-अलग वर्षों में सत्रों की अवधि और आयोजन में अंतर रहा है। कुछ वर्षों में यहां विधानसभा का कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ, जबकि कुछ वर्षों में एक बार सत्र बुलाया गया।
वर्ष 2014 में गैरसैंण में पहली बार तीन दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित हुआ था। वर्ष 2015 और 2016 में दो-दो दिन तथा वर्ष 2017 में दो दिवसीय सत्र चला। वर्ष 2018 में विधानसभा की कार्यवाही छह दिन तक संचालित हुई, जबकि वर्ष 2019 में यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ। वर्ष 2020 में पांच दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद वर्ष 2021 में एक से छह मार्च तक भराड़ीसैंण में छह दिवसीय बजट सत्र चला।
वर्ष 2022 में गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित नहीं हुआ। वर्ष 2023 में चार दिन और वर्ष 2024 में तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2025 में यहां बजट सत्र और मानसून सत्र आयोजित किए गए। वहीं, वर्ष 2026 में मार्च के बजट सत्र के बाद अक्टूबर में दूसरी बार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई है।
पर्वतीय क्षेत्रों के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर जोर
गैरसैंण में विधानसभा सत्रों का आयोजन राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में इसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाता है। भराड़ीसैंण में विधानसभा की कार्यवाही संचालित होने से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, विकास की जरूरतों और स्थानीय जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण को उत्तराखंड की जनभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्रों के आयोजन के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, जनअपेक्षाओं और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिले।
मुख्यमंत्री के अनुसार, गैरसैंण की भूमिका को सशक्त बनाना और प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास को गति देना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप विकास और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।













