चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
उत्तराखंड की पावन और नैसर्गिक सुंदरता से सराबोर सीमांत जनपद चमोली की उर्गम घाटी में विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर दो दिवसीय “गौरा देवी पर्यावरण एवं प्रकृति, पर्यटन मेले” की 29वीं वर्षगांठ अत्यंत धूमधाम, पारंपरिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विगत 29 वर्षों से लगातार प्रत्येक वर्ष 05 और 06 जून को आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मेले का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को हमारी सबसे सुंदर ग्रह पृथ्वी के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष आयोजित हुए इस दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम में उत्तराखंड कर्मकार बोर्ड के सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कृष्णमणि थपलियाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और कार्यक्रम का हिस्सा बनकर इस सुंदर अवसर का लाभ उठाया। इस सफल, ऐतिहासिक और दूरदर्शी आयोजन के लिए भाजपा नेता कृष्णमणि थपलियाल ने मेला आयोजन समिति, उर्गम घाटी की समस्त देवतुल्य जनता और विशेष रूप से जनदेश संस्था के सचिव श्री लक्ष्मण सिंह नेगी को बधाई व हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथि ने जनदेश के प्रयासों को सराहते हुए कहा कि लक्ष्मण सिंह नेगी के कुशल नेतृत्व में यह मेला पिछले करीब तीन दशकों से लगातार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण चेतना की अलख जगा रहा है, जो आज के समय में पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहद अनुकरणीय और प्रेरणादायक उदाहरण है।
इस दो दिवसीय मेले के दौरान घाटी में पर्यावरण संरक्षण के संकल्प और स्थानीय लोक संस्कृति की एक बेहद अनूठी व विहंगम झलक देखने को मिली, जिसने हर किसी का मन मोह लिया। मेले का एक सबसे मुख्य आकर्षण उर्गम घाटी की सम्मानित मातृशक्ति द्वारा लगाए गए स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल रहे, जो आत्मनिर्भरता की एक सुंदर मिसाल पेश कर रहे थे। मुख्य अतिथि कृष्णमणि थपलियाल ने स्वयं इन सभी स्टॉलों पर जाकर प्रत्येक व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और उत्तराखंड के पहाड़ों में उगने वाले अनाजों से बने स्वादिष्ट लोकल व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया। उन्होंने मातृशक्ति के इस हुनर, उनकी कर्मठता, आत्मनिर्भरता और इस सुंदर प्रयास की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और खान-पान को धरातल पर जीवित रखने में महिलाओं का योगदान सदैव अतुलनीय रहा है, जिसके लिए उन्होंने समस्त मातृशक्ति को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने आयोजन समिति द्वारा दूर-दराज से आए मेहमानों के लिए किए गए शानदार और सुंदर अतिथि सत्कार के लिए पूरी समिति का सहृदय आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
पर्यावरण, प्रकृति और पर्यटन को समर्पित इस भव्य व पावन आयोजन के अवसर पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निवर्तमान उपाध्यक्ष किशोर पवार जी और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के ही नवनियुक्त सम्मानित सदस्य राकेश भण्डारी विशेष रूप से कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने भी क्षेत्र के विकास तथा पर्यावरण संतुलन को लेकर अपने विचार साझा किए। इनके साथ ही घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से आए सम्मानित जनप्रतिनिधिगण, प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व पर्यावरण प्रेमी जनता उपस्थित रही। दो दिवसीय मेले के भव्य समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि कृष्णमणि थपलियाल सहित उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय जनता ने पर्यावरण को बचाने, अपनी धरती को प्रदूषण मुक्त व सुरक्षित रखने और उत्तराखंड की इस समृद्ध लोक-संस्कृति व सांस्कृतिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर नगर पालिका जोशीमठ अध्यक्ष श्रीमती देवेश्वरी शाह, जिला पंचायत सदस्य रमा राणा शहीद कई माने व्यक्ति मौजूद रहे जिन्होंने पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया

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