हरिद्वार। उत्तराखंड में सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों के कथित दुरुपयोग एवं बंदरबांट के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में ‘भूमि बचाओ–धामी हटाओ’ अभियान के तहत मोर्चा खोल दिया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश के 11 स्थानों पर आयोजित धरना-प्रदर्शन के तहत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार स्थित अलकनंदा होटल, हरकी पैड़ी के समीप पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरना देकर धामी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
इस दौरान हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की सरकारी जमीनें और सार्वजनिक संपत्तियां प्रदेश की जनता की अमानत हैं। इन पर जनता का अधिकार है, न कि भाजपा सरकार का। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों को किसी की निजी जागीर नहीं बनने दिया जाएगा। सरकार की जिम्मेदारी इनका संरक्षण करना है, न कि निजी हितों और चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए इनका इस्तेमाल करना।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन जल, जंगल और जमीन पर प्रदेशवासियों के अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ था। लेकिन आज प्रदेश की बेशकीमती जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि सरकारी जमीनों के संरक्षण, उपयोग और आवंटन को लेकर उसकी नीति क्या है और इन फैसलों से वास्तविक लाभ किसे मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारी संपत्तियों की कथित बंदरबांट के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। भाजपा सरकार को जनता के सवालों का पारदर्शिता के साथ जवाब देना होगा। कांग्रेस प्रदेश की जमीन, संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदेशभर में 11 स्थानों पर धरना-प्रदर्शन
कांग्रेस के इस अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों ने धरना देकर सरकार से सरकारी जमीनों के आवंटन और सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर जवाब मांगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मसूरी के हाथीपांव स्थित जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट में धरने का नेतृत्व किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने नैनीताल के पटवाडांगर एवं ज्योलीकोट क्षेत्र में तथा प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने डाकपत्थर की सरकारी भूमि पर आयोजित धरने में भाग लिया।
इसी क्रम में प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल की भूमि पर धरने का नेतृत्व किया। अन्य स्थानों पर भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
हरिद्वार में आयोजित धरने में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संजय पालीवाल एवं संतोष चौहान, विधायक रवि बहादुर और अनुपमा रावत, पूर्व विधायक रामयश सिंह, लोकसभा प्रत्याशी वीरेंद्र रावत, विधानसभा प्रत्याशी, महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, हरिद्वार ग्रामीण जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह और संजय अग्रवाल सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।













