---Advertisement---

चारधाम यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की 11 भाषाओं में हेल्थ एडवाइजरी, 50 जगह होगी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच

By: prabhatchingari

On: Wednesday, April 24, 2024 5:05 AM

Google News
Follow Us
---Advertisement---

उत्तराखंड में 10 मई को गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं…उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2024 की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई है. आगामी 10 मई को कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो जाएगा. चारधाम यात्रा में यात्रियों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है।

उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव तरीके से प्रयासरत है. पर्यटन विभाग की वेबसाइट लाइव हो गई है. इसमें हेल्थ पैरामीटर का कॉलम रखा गया है, जिसमें यात्री अपनी हेल्थ से संबंधित पूरी जानकारी भरेंगे तो उन्हें जरूरत के समय इलाज में आसानी रहेगी, स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने बताया कि इस बार तीर्थयात्रियों को यात्रा मार्ग पर पहले से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. बदरीनाथ और केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की कवायद की जा रही है. इन दोनों जगहों में स्थापित किए गए अस्पतालों के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त उपकरणों की खरीद शुरू हो गई है, जल्द उपकरण अस्पतालों में पहुंच जाएंगे।
सचिव आर राजेश कुमार ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए एसओपी 11 भाषाओं में तैयार की गई है. तीर्थयात्रियों के सहूलियत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, तेलगू समेत 9 स्थानीय भाषाओं में एसओपी यानी मानक प्रचलन प्रक्रिया तैयार कर संबंधित राज्यों को भेज दी है. साथ ही अवगत करा दिया गया कि उन्हें एसओपी भेज दी गई है. ताकि, दूसरे राज्यों से आने वाले यात्री अपनी भाषाओं में स्वास्थ्य संबंधित जानकारी ले सकें।

स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने बताया कि तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर 50 स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं. इन स्क्रीनिंग प्वाइंट को रजिस्ट्रेशन प्वाइंट के साथ ही रखा गया है. इसमें तीर्थयात्रियों की उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत 28 पैरामीटर की जांच की जाएगी. इसमें हंस फाउंडेशन की टीम भी मदद कर रही है।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा में उत्तराखंड के अतिरिक्त अन्य राज्यों के भी डॉक्टर अपनी सेवाएं देने को इच्छुक रहते हैं, इसलिए इस बार सभी स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर चारधाम यात्रा में कार्य करने को इच्छुक डॉक्टरों के संबध में जानकारी मांगी गई है. इसके साथ ही राज्य की डॉक्टरों समेत अन्य मेडिकल स्टाफ की तैनाती यात्रा शुरू होने से पूर्व हो जाएगी, तीर्थयात्रियों के लिए मेडिकल रिलीफ प्वाइंट महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. इस बार उनकी स्थिति पहले की अपेक्षा और बेहतर की गई है. डॉक्टर समेत अन्य मेडिकल स्टॉफ के साथ ही यहां पर आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती भी की जाएगी. इसके साथ ही मेडिकल रिलीफ प्वाइंट में दवाओं का स्टॉक, ऑक्सीजन सिलेंडर समेत अन्य सामान या उपकरण मौजूद रहेंगे. प्रत्येक मेडिकल रिलीफ पोस्ट में चिकित्सकों के साथ ही करीब आधा दर्जन प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ तैनात किया गया है. वहीं, सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही एक दर्जन से ज्यादा प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने एसओपी में यात्रियों को सलाह दी कि कम से कम 7 दिन के लिए चारधाम यात्रा की योजना बनाएं. केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में पैदल चढ़ते समय एक से दो घंटे के अंतराल पर 5 से 10 मिनट तक आराम करें. यात्रा के लिए गरम कपड़े, बारिश से बचाव के लिए रेनकोट, छाता, स्वास्थ्य जांच के लिए पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर साथ में रखें. हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह से ग्रसित यात्री जरूरी दवा और डॉक्टर का नंबर अपने पास रखें. यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में समस्या, चक्कर आने या फिर उल्टी आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मेडिकल रिलीफ में इलाज लें।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग को विशेष फोकस है. बीते साल यहां 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट के साथ ही दो पीएचसी सेंटर भी स्थापित किए गए थे. केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यात्रियों को हेल्थ एटीएम की सुविधा भी मिलेगी. बीती साल की तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फाटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीकुंड और माधव चिकित्सालय नारायण कोटी में हेल्थ एटीएम की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं. डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की पूरी व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य सचिव राजेश कुमार की मानें तो यात्रा मार्गों पर हेल्थ एटीएम स्थापित होंगे. सभी जिलों के सीएमओ, सीएमएस को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है. हेल्थ एटीएम में यात्रियों का ब्लड प्रेशर, वजन, शुगर, शरीर का तापमान, ऑक्सीजन की मात्रा आदि जांची जाएगी. हेल्थ एटीएम में कार्य करने वाले तकनीकी स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है, स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए टेलीमेडिसिन सेवा की भी सुविधा रखी गई है. जो गंभीर परिस्थिति में यात्रियों के लिए वरदान साबित हो सकता है. इससे किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह मिल सकती है, जिससे बीमारी का तत्काल उपचार शुरू हो सकेगा, स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने बताया कि यात्रा मार्ग पर ऐसे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, जो कि हृदय संबंधी रोगों के उपचार और निदान में पारंगत हों. यात्रा मार्गों पर मौजूद अस्पतालों में डॉक्टर, स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की व्यवस्था की गई है. चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं

prabhatchingari

I am a passionate editor who loves to cover each and every news and present it forward . For Promotion Related Queries Contact :- 9897399127
For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment