Prabhat Chingari
उत्तराखंड

हिमालय पुत्र विक्टोरिया क्रॉस नायक दरबान सिंह नेगी को 142वें जन्मदिवस पर याद किया

देहरादून ,उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग के तत्वावधान में अध्यक्ष, मेजर जनरल असवाल एवं कर्नल अमित वीर पांडियां, वरिश्ठ उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में देहरादून स्थित लीग के प्रदेश कार्यालय में गढ़वाल के प्रथम विक्टोरिया क्रॉस नायक दरबान सिंह नेगी जी को उनकी 142वीं जयन्ती पर आयोजित गोष्ठी में पूर्व सैनिकों तथा विशिष्ट अतिथियों द्वारा उनको याद किया गया। विदित हो कि विक्टोरिया क्राॅस नायक ( बाद में सूबेदार साहब बहादुर) हमारे देश के प्रथम विक्टोरिया क्राॅस ( परम वीर चक्र के समकक्ष) हैं। उनका जन्म आज ही के दिन दिनाँक 04 मार्च 1883 को नारायणबगड़ तहसील जिला चमोली, कड़ाकोट पट्टी के कफारत्तीर गाँव में हुआ था। वे 39/1 गढ़वाल राइफल्स में थे जब उनकी पलटन को फ्रांस के फेस्टुवर्ग में जर्मन सैनिकों को खाई से मार भगाना था। दिनाँक 23/24 नवम्बर 1914 की रात्रि उन्हौंने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह न करते हुए फेस्टुवर्ग की खाइयों से जर्मन सैनिकों को आमने सामने की बैनट की लड़ाई में बाहर खदेड़ कर और मार कर अपना परचम लहराया था। वे स्वयं भी लहूलुहान हुए परन्तु खाई में आखिर दुश्मन को मार भगाने तक डटे रहे।
उनके इस शौर्य के लिए 05 दिसंबर 1914 को तत्कालीन सम्राट किंग जाॅर्ज पंचम स्वयं सभी मर्यादाओं को दरकिनार करते हुए लड़ाई के मैदान में पहुँचे और अपने हाथों से उन्हें विक्टोरिया क्रॉस के सर्वोच्च सैन्य सम्मान से नवाजा। जब राजा ने उन्हें उनके शौर्य के एवज में कुछ मांगने को कहा तो उन्हौंने अपने क्षेत्र की कठिनाइयों के मध्य नजर इंग्लिश मीडियम का मिडिल स्कूल कर्णप्रयाग में व ॠषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन स्वीकृत करने की मांग रखी। तत्काल दोनों मागें स्वीकृत हुई। 26 अक्टूबर 1918 को गढ़वाल कलक्टर पौड़ी ने कर्णप्रयाग में अंग्रजी माध्यम के मिडिल स्कूल का शिलान्यास किया और 1919 से 1924 तक रेलवे लाइन की कर्णप्रयाग तक सर्वे भी हुई जो कि अब धरातल पर उतरने वाली है। यही मिडिल स्कूल 1943 में हाई स्कूल व 1956 में इंटरमीडिएट बनी। अब इस विद्यालय का नाम विक्टोरिया क्राॅस दरवान सिंह नेगी राजकीय माध्यमिक विद्यालय कर्णप्रयाग है। इस विद्यालय से विद्यार्थी हर क्षेत्र में उच्चस्थ पोस्ट तक कार्यरत रहें हैं और सभी ने विद्यालय का नाम रोशन किया है। आज इस अवसर पर कर्नल हरेन्द्रसिंह रावत, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत जी, इतिहासकार डाo योगेश दशमाणा, डाo देवेश जोशी, वीसी दरवान सिंह नेगी राजकीय माध्यमिक विद्यालय कर्णप्रयाग के पूर्व प्रधानाचार्य श्री बीरपाल सिंह रावत, वर्तमान प्रधानाचार्य आरडी तोपाल, पूर्व प्रधानाचार्य आर एस खत्री, एस एस कोठियाल, पूर्व आईजी बीएसएफ, ब्रिगेडियर आर एस रावत, ब्रिगेडियर एस एस पटवाल, कर्नल यूएस रावत, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी देहरादून, कर्नल बीएम थापा, कर्नल जयद्रथ कर्नल सतीश उप्रेती , कर्नल विवेक गुप्ता, कर्नल मोहित नांगिया, एयर कमोडोर कपूर, कर्नल कुकरेती, पूर्व सैनिक बीपी शर्मा, कैप्टेन रावत, कैप्टेन लिंबू, कैप्टेन वर्मा आदि उपस्थित थे। कर्नल डी एस बर्त्वाल, इतिहासकार डाo योगेश दशमाणा, डाo देवेश जोशी, ब्रिगेडियर एस एस पटवाल, प्रधानाचार्य बीरपाल सिंह रावत, गोविंद सिंह तोपाल, पद्म कल्याण सिंह रावत, मैती आदि कई वक्ताओं ने विक्टोरिया क्रॉस नायक दरबान सिंह नेगी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार रखे। उनके पैतृक गाँव कफारत्तीर-खैंतोलीखाल में हर साल दिनाँक 23 नवम्बर से 26 नवम्बर तक चार दिवसीय शौर्य महोत्सव मनाया जाता है जो कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राजकीय मेला घोषित किया गया है। अपने क्षेत्र के पुरस्कृत वीर सैनिकों का विद्यालय पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी सम्मिलित करना, उनके नाम पर कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशन जैसे झासीं स्टेशन का नाम वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई किया गया तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को नामित करना, रक्षा अध्ययन में वीरों की गाथा तथा विचारों को सम्मिलित करना, उनके मूल निवास स्थानों में विकास कार्य ,संग्रहालय की स्थापना, राजकीय मेलोन का आयोजन आदि बिंदु सामने आए। सभा के अन्त मेजर जनरल मोहनलाल असवाल ने सभी आगन्तुक महानुभावों का धन्यवाद किया ।

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