श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि, सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस • होटल-ढाबों का अनिवार्य सत्यापन, फर्जी नाम और ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई
देहरादून, भगवान भोलेनाथ के परम भक्तों की आस्था के महापर्व कांवड़ मेला-2026 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले ऐतिहासिक कांवड़ मेले के सफल आयोजन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 25 जुलाई तक हर हाल में मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, क्योंकि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप इस वर्ष कांवड़ मेले को दिव्य, भव्य, सुरक्षित और श्रद्धालु हितैषी बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी विभाग की लापरवाही से श्रद्धालुओं को असुविधा हुई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वयं भी तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करने की बात कही।
प्रशासन के अनुसार 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले कांवड़ मेले में 31 जुलाई से 4 अगस्त तक श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ रहने की संभावना है, जबकि 8 से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ का संचालन होगा। 11 अगस्त को शिवालयों में पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक के साथ मेले का समापन होगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरे कांवड़ क्षेत्र को 4 जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। पुलिस, परिवहन और प्रशासनिक अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों पर वाहनों की सघन जांच, ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर संचालित होटलों, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का अनिवार्य सत्यापन किया जाए। फर्जी नामों से संचालित होटल-ढाबों तथा अवैध दुकानों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऋषिकेश नगर निगम को यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित कराने और स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्ग के गड्ढे भरने, पैचवर्क, पुलों की रेलिंग दुरुस्त करने, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग को गंगा घाटों पर सुरक्षा चेन एवं अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, जबकि नगर निगम को घाटों की नियमित सफाई, प्रकाश व्यवस्था, फॉगिंग और दवा छिड़काव करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला पूर्ति अधिकारी को होटल-ढाबों में खाद्य सामग्री की नियमित जांच, सभी प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने तथा ओवररेटिंग करने वालों के विरुद्ध तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को कांवड़ मार्ग पर 24 घंटे मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, जीवन रक्षक उपकरण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं विद्युत विभाग को ढीले तार और जर्जर पोल हटाने, जल संस्थान को निर्बाध पेयजल आपूर्ति तथा अस्थायी शौचालयों में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। वन विभाग को भी कांवड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से इस वर्ष का कांवड़ मेला श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था का नया उदाहरण बनेगा।









