नारद जयंती समारोह में पत्रकारों का सम्मान, जिम्मेदार मीडिया की जरूरत पर मंथन

By: Naveen Joshi

On: Sunday, May 3, 2026 8:25 PM

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हिमालय हुंकार विशेषांक का विमोचन, राष्ट्रहितकारी पत्रकारिता पर वक्ताओं का जोर

देहरादून। विश्व संवाद केंद्र, के तत्वावधान में  आई.आर.डी.टी. सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में “नारद जयंती एवं पत्रकारिता दिवस समारोह” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारिता के मूल्यों का पुनर्स्मरण करते हुए समाज में सकारात्मक, तथ्यपरक एवं राष्ट्रहितकारी पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, आदि पत्रकार देवर्षि नारद  के चित्र पर पुष्प अर्पण तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. शैलेन्द्र  (प्रान्त प्रचारक ), चन्द्रशेखर जी (सह प्रान्त प्रचारक ), लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल  (क्षेत्र सामाजिक समरसता प्रमुख), संजय  (प्रान्त प्रचार प्रमुख), धनंजय  (विभाग प्रचारक) सहित अनेक सम्मानित गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। उत्तरकाशी से प्रताप रावत जी को सम्मानित किया गया।वरिष्ठ साहित्यकार सोमवारी लाल उनियाल जी,ई टीवी के बिरो चीफ किरण कांत शर्मा , दैनिक जागरण देहरादून से आश्विनी त्रिपाठी , रुड़की से नितिन कुमार , संचित शर्मा जी (न्यूज़ स्टेट हेड), थराली प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश सती , अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार आफताब अजमत सहित प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े अनेक पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर “हिमालय हुंकार” पत्रिका के विशेषांक का विमोचन भी किया गया। पत्रिका के संपादक शाक्त ध्यानी  ने इस वर्ष के विशेषांक के विषय “हिन्दू जागरण के सौ वर्ष” पर प्रकाश डालते हुए इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता  शिव प्रकाश जी (राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी) ने अपने उद्बोधन में कहा कि देवर्षि नारद  को विश्व के आदि पत्रकार के रूप में स्मरण किया जाता है, जिन्होंने लोककल्याण हेतु संवाद और सूचना का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का ध्येय केवल सूचना देना ही नहीं, बल्कि भारत के दर्शन, ज्ञान, परंपरा, नैतिक मूल्यों एवं सनातन संस्कृति को सशक्त करना भी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरा है, जिसके माध्यम से राष्ट्रविरोधी नैरेटिव का सशक्त रूप से खंडन किया जाना आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  अशोक बिंदलस  (वरिष्ठ निदेशक, बिंदल्स बायोटेक लिमिटेड) ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सम्मानित पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और उसकी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं नैतिकता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों में अध्यक्ष  सुरेन्द्र मित्तल, सचिव राजकुमार टांक तथा ‘हिमालय हुंकार’ के संपादक  रणजीत सिंह ज्याला शामिल रहे। सभी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन में सक्रिय योगदान देते हुए उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने पत्रकारिता के प्रति सम्मान एवं जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया।)श

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Naveen Joshi

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