देहरादून। नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों के विरोध में नर्सिंग एकता मंच का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी एकता विहार धरना स्थल पर जारी रहा। प्रदेशभर से जुटे बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों ने जोरदार नारेबाजी कर सरकार से मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी नर्सिंग अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से भरा पत्र लिखकर अपनी पीड़ा और विरोध दर्ज कराया। मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा। नर्सिंग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि धरना स्थल शहर से दूर निर्धारित किया गया है, ताकि नर्सिंग समुदाय की आवाज शासन तक न पहुंचे। उन्होंने मांग की कि लिखित परीक्षा के बाद जारी भर्ती पोर्टल को तुरंत बंद किया जाए और भर्ती प्रक्रिया को पूर्व की भांति वर्षवार प्रणाली से संचालित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े पदों को तत्काल भरने, IPHS मानकों के अनुरूप नई भर्तियां शुरू करने तथा ओवर-एज अभ्यर्थियों को आयु-छूट देने की मांग दोहराई।“कोरोना वारियर्स थे, अब नजरअंदाज किया जा रहा” — विनीता देहरादून निवासी विनीता ने कहा कि कोविड काल में नर्सें अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी पर तैनात रहीं, बच्चों और परिवार से दूर रहकर सेवा की। उन्होंने कहा कि वर्षों की निष्ठा के बाद अब परीक्षा थोपकर वरिष्ठता खत्म करना नाइंसाफी है।
उन्होंने भावुक होकर बताया, “मैं सिंगल पेरेंट हूं। पाँच साल पहले पति का निधन हो गया। नौकरी करते हुए बच्चों का पालन-पोषण कर रही हूँ। क्या हमारी मेहनत और त्याग की कोई कीमत नहीं?”
पहले वर्षवार भर्ती होती थी, अब अचानक परीक्षा क्यों?” — काजल
बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी काजल ने कहा कि अब तक नर्सिंग भर्तियां हमेशा वर्षवार होती रही हैं, लेकिन इस बार अचानक परीक्षा कराने का निर्णय समझ से परे है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई बैच बिना परीक्षा सीधे नियुक्त हुए, तो मौजूदा अभ्यर्थियों पर ही परीक्षा का दबाव क्यों?
उन्होंने कहा कि कई अभ्यर्थी छोटे बच्चों को घर में छोड़कर धूप-प्यास में धरना दे रहे हैं। “वोट मांगने के समय नेता दर-दर आते हैं, लेकिन आज हमारी सुनने कोई नहीं आ रहा।”
धरने में नवल पुंडीर, विकास पुंडीर, सरिता जोशी, राजेन्द्र कुकरेती, अनिल रमोला, प्रवेश रावत सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख मांगें ,1. नर्सिंग भर्ती की वर्तमान विज्ञप्ति तत्काल रद्द की जाए और भर्ती पोर्टल बंद किया जाए।
2. भर्ती प्रक्रिया पूर्व की भांति वर्षवार (Year-wise) संचालित की जाए।
3. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में IPHS मानकों के अनुसार 2500+ पदों पर एक साथ विज्ञप्ति जारी की जाए
4. उत्तराखंड के मूल निवासी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए; बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को अलग रखा जाए।
5. आयु सीमा पार कर चुके योग्य अभ्यर्थियों को विशेष आयु-छूट प्रदान की जाए।
