देहरादून, : भारत के पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंसिंग परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। “लॉलीपॉप लागेलु” जैसे आइकॉनिक हिट्स देने वाली कंपनी लोकधुन टेलीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 1 अप्रैल 2026 से पीपीएल इंडिया के साथ हाथ मिला लिया है। इसी के साथ कंपनी ने रिकॉर्डेड म्यूजिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (आरएमपीएल) के साथ अपनी पुरानी संबद्धता समाप्त कर दी है। यह रणनीतिक फैसला न केवल इन दोनों कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे भारत के म्यूजिक लाइसेंसिंग इकोसिस्टम में शक्ति के पुनर्गठन के तौर पर देखा जा रहा है।
2016 में स्थापित और नई दिल्ली मुख्यालय वाली लोकधुन टेलीमीडिया के पास आज 80,000 से अधिक गानों की एक बहुत बड़ी लाइब्रेरी है। कंपनी के अंतर्गत ‘वेव म्यूजिक’ और ‘लोकधुन पंजाबी’ जैसे बड़े सब-लेबल्स काम करते हैं, जिनका भोजपुरी और पंजाबी संगीत उद्योग पर एकछत्र राज है। डिजिटल दुनिया में लोकधुन का कद किसी ग्लोबल स्टार से कम नहीं है। दुनिया भर में अरबों व्यूज के साथ, इनके गाने शादियों, त्योहारों और सोशल मीडिया रील्स की जान बने हुए हैं। “लॉलीपॉप लागेलु” जैसे गानों ने सीमाओं को पार करते हुए करोड़ों की संख्या में स्ट्रीम्स हासिल किए हैं, जिसने लोकधुन को क्षेत्रीय म्यूजिक पावरहाउस के रूप में स्थापित किया है।
यह बदलाव लोकधुन को देश के सबसे प्रमुख लाइसेंसिंग निकाय, पीपीएल इंडिया के साथ खड़ा करता है। 500 से अधिक म्यूजिक लेबल्स का प्रतिनिधित्व करने वाला पीपीएल इंडिया अब अपने क्षेत्रीय पोर्टफोलियो को और भी मजबूत कर रहा है। इसमें भारत के अलग-अलग कोनों से आने वाली लोक-संस्कृति और संगीत की धुनें अब एक ही छत के नीचे होंगी। यह फैसला उद्योग के उस बड़े रुझान को भी दिखाता है, जहाँ बिखरे हुए लाइसेंसिंग सिस्टम को एक अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढांचे के भीतर एकीकृत किया जा रहा है।
पीपीएल इंडिया ने लोकधुन का स्वागत करते हुए कहा, “लोकधुन का कैटलॉग पीढ़ियों से पंजाबी और भोजपुरी संगीत की पहचान बना हुआ है। उनके हमारे साथ आने से पीपीएल इंडिया के क्षेत्रीय पोर्टफोलियो को नई ताकत मिलेगी। यह संगीत अधिकार धारकों के लिए पारदर्शी और प्रभावी लाइसेंसिंग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।”
वहीं, लोकधुन टेलीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने साझा किया, “हम पीपीएल इंडिया के साथ साझेदारी कर एक व्यवस्थित लाइसेंसिंग इकोसिस्टम का हिस्सा बनकर खुश हैं। इससे हमारे कंटेंट का सही मोनेटाइजेशन होगा और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर हमारी पहुंच और भी व्यापक होगी।”




