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हर निर्णय ईमानदारी व साहस के साथ करें” – जस्टिस धूलिया

By: Naveen Joshi

On: Saturday, July 19, 2025 5:25 PM

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नज्म सुनाई – “ये वक्त फिर नहीं आएगा”

ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सुधांशु धूलिया ने दी युवाओं को प्रेरणा

देहरादून,  ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुधांशु धूलिया ने युवाओं को जीवन में ईमानदारी और साहस के साथ निर्णय लेने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा और एकता-अखंडता का प्रतीक है।

मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए जस्टिस धूलिया ने कहा कि अनुच्छेद 14 प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता का अधिकार देता है, जो सामाजिक न्याय की बुनियाद है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल अधिकार जानना पर्याप्त नहीं, कर्तव्यों की भी समझ होनी चाहिए।

उन्होंने युवाओं से भारतीय संविधान का गहन अध्ययन करने और सहिष्णुता, विविधता और लोकतंत्र की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि हमारे निर्णय साहसी और ईमानदार हों ताकि वे भविष्य में सही सिद्ध हो सकें।

समारोह में उन्होंने प्रसिद्ध उर्दू लेखिका फहमीदा रियाज़ की पंक्तियां उद्धृत कीं, जिनमें कहा गया –
“…तुम जिस लम्हे में जिंदा हो, ये लम्हा तुम से जिंदा है,
ये वक्त नहीं फिर आएगा,
तुम अपनी करनी कर गुजरो,
जो होगा देखा जाएगा…”

जस्टिस धूलिया ने संविधान के नीति निदेशक तत्वों की चर्चा करते हुए कहा कि ये सिद्धांत सरकार को समाज के हर वर्ग के कल्याण की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में संविधान ही एकता का सूत्र है, जिसने मानवीय गरिमा को सर्वोपरि रखा है।

इस अवसर पर उन्होंने ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला के शिक्षा क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ग्राफिक एरा एक विशाल वृक्ष की भांति है, जो समाज को ज्ञान, नवाचार और अनुशासन के फल दे रहा है।

समारोह में प्रो चांसलर डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डाला। स्कूल ऑफ लॉ की डीन डॉ. डेजी एलेक्जेंडर ने जस्टिस धूलिया के जीवन परिचय पर वक्तव्य प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो वीसी प्रो. संतोष एस. सर्राफ ने किया।

समारोह में कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, लेबर कोर्ट की पीठासीन अधिकारी  कहकशां खान, हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता  बी. पी. नौटियाल, एसडीएम हरिगिरि, संयुक्त निदेशक अभियोजन जी. सी. पंचोली, कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा, सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एम. पी. सिंह ने किया।

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