बिना स्वीकृत मानचित्र हो रहे निर्माणों पर कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम जारी रखने की चेतावनी
देहरादून, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने प्रवर्तन अभियान को और तेज करते हुए हरिद्वार बाईपास और डोईवाला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण ने बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के बनाए जा रहे तीन व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि शहर के नियोजित विकास में बाधा बनने वाले अवैध निर्माणों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्रवर्तन टीम ने सबसे पहले हरिद्वार बाईपास स्थित मुस्कान होटल वाली गली में नईम अहमद पुत्र आशिक अली द्वारा कराए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील किया। इसके बाद इसी क्षेत्र में आशिफ द्वारा निर्मित किए जा रहे व्यावसायिक भवन पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं डोईवाला के कान्हरवाला-भानियावाला तिराहा पर नेत्रपाल सैनी पुत्र स्वर्गीय हुकम सिंह सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को भी सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
एमडीडीए ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी बिना अनुमति या स्वीकृत मानचित्र के निर्माण की जानकारी मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार अवैध निर्माण न केवल मास्टर प्लान की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि यातायात, पार्किंग, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून का विकास केवल नियोजित एवं नियमबद्ध तरीके से ही संभव है। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा अनुमति के किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां लेने की अपील की।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध नियमित अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि भवन निर्माण प्रारंभ करने से पहले एमडीडीए से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।









