देहरादून। भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत नार्थ ईस्टर्न पुलिस अकादमी (NEPA), उम्साव, मेघालय से देहरादून भ्रमण पर आए 22 सदस्यीय प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के दल ने 24 सितंबर को SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट का भ्रमण किया। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू अभियानों और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल की।
SDRF वाहिनी मुख्यालय पहुंचने पर प्रशिक्षु अधिकारियों को संगठन की कार्यप्रणाली, संरचना, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा विभिन्न आपदाओं के दौरान संचालित होने वाले रेस्क्यू अभियानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने दल को SDRF की रेस्क्यू क्षमता, प्रशिक्षण प्रणाली और आपदा के दौरान त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया की प्रक्रिया से अवगत कराया।
प्रशिक्षु अधिकारियों को भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, नदी दुर्घटनाओं और पर्वतीय हादसों सहित विभिन्न प्रकार की आपदाओं में SDRF की भूमिका की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में टीमवर्क, त्वरित निर्णय लेने, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से बचाव अभियान संचालित करने की प्रक्रिया को समझा।
दल ने SDRF कंट्रोल रूम का भी भ्रमण किया। यहां उन्हें आपदा संबंधी सूचना प्राप्त होने से लेकर संबंधित रेस्क्यू टीमों को तत्काल रवाना करने, सूचनाओं के समन्वय तथा बचाव अभियानों की मॉनिटरिंग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
भ्रमण के समापन पर प्रशिक्षु अधिकारियों ने सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने SDRF के रेस्क्यू अभियानों से जुड़ी जानकारी को अपने प्रशिक्षण और भविष्य की पुलिस सेवा के लिए उपयोगी बताया।
इस अवसर पर उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक संजय उप्रेती, इंस्पेक्टर ट्रेनिंग प्रमोद रावत, सूबेदार मेजर जयपाल राणा सहित SDRF के अन्य अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।











