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पांच साल में उत्तराखंड में स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1700 के पार

By: Naveen Joshi

On: Saturday, October 17, 2026 8:05 PM

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं और प्रगतिशील किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या लगभग 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो गई है, जो राज्य में उद्यमिता के बढ़ते माहौल का संकेत है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘विकसित उत्तराखंड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों से संवाद कर रहे थे। नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं, प्रगतिशील किसानों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के अनुभव सुने तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के समग्र विकास के लिए सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। इसमें प्रदेशवासियों की मेहनत, प्रतिभा और नवाचार की भावना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

पर्यटन और ऊर्जा में रोजगार की व्यापक संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गठन के समय पर्यटन और ऊर्जा को विकास के प्रमुख आधार के रूप में देखा गया था। आज पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं अभी भी व्यापक हैं। ऊर्जा क्षेत्र में भी पिछले पांच वर्षों के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। अनेक ऊर्जा परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। युवा कृषि, तकनीक, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में नए प्रयोग कर अपनी पहचान बना रहे हैं। कई युवा अपने उद्यमों के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य स्वरोजगार को प्रोत्साहित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

एक गाय से शुरू किया डेयरी व्यवसाय, अब बढ़ाया कारोबार

संवाद के दौरान विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। चंपावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने के अपने प्रयासों की जानकारी दी। उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया है। वर्तमान में उनके पास पांच बद्री गाय और आठ देशी गाय हैं।

पौड़ी के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों से अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप चला रहे हैं और उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।

चमोली के राजेश ने गांव लौटकर रिवर्स पलायन की मिसाल पेश की है। वह रोजमेरी और अन्य हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं तथा स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। नैनीताल की कमला देवी ने बताया कि वह वाहनों के टायरों की मरम्मत का कार्य कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

औषधीय पौधों और एकीकृत कृषि से बढ़ रही आय

चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 300 से अधिक लोग इस कार्य से जुड़े हैं और सामूहिक रूप से लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं।

सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से आजीविका बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयासों के बारे में बताया। पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गीता पंत और सुमन पांथरी, बागवानी के क्षेत्र में काम कर रहे महाबल नेगी तथा मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी संचालित करने वाली कल्पना बिष्ट ने भी अपने अनुभव साझा किए।

विदेश में काम कर रहे युवा ने गांव के विकास में सहयोग की जताई इच्छा

सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े चंपावत जिले के टनकपुर निवासी शैलेश ने बताया कि वह सिंगापुर में सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने चंपावत के एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग देने की इच्छा जताई।

वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने देहरादून में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।

वहीं, मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने वाली टिहरी की सपना राणा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला।

स्थानीय संसाधनों से विकसित हों आजीविका के नए अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचार और स्वरोजगार के प्रयास अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा का बेहतर उपयोग कर आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि युवा उद्यमिता और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें तथा दूसरे लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराएं।

कार्यक्रम में देवभूमि डायलॉग के संपादक रमेश भट्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो प्रस्तुतीकरण दिया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु एवं डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय एवं सी. रविशंकर, अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

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