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अंगदान: मृत्यु के बाद भी जीवन का अनमोल उपहार, 100 से अधिक लोगों ने लिया संकल्प

By: Naveen Joshi

On: Monday, August 3, 2026 11:01 PM

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देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग की ओर से  अंगदान दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में 100 से अधिक मरीजों एवं उनके परिजनों ने अंगदान का संकल्प लिया। इस दौरान किडनी प्रत्यारोपण से जुड़े दाता एवं लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अंगदान केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां लेकर आता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) के राज्य समन्वयक डॉ. अतुल सिंह तथा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि डॉ. अतुल सिंह ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। एक व्यक्ति के अंगदान से कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी व्यक्ति अपने अंगों के माध्यम से अनेक परिवारों की खुशियां लौटा सकता है। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर प्रत्येक नागरिक को अंगदान के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि जागरूकता ही अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि देश में हजारों मरीज किडनी, लिवर, हृदय एवं अन्य अंगों के प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अंगदाताओं की कमी के कारण अनेक मरीज समय पर उपचार से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी व्यक्ति के जीवन का अंत नहीं, बल्कि कई लोगों के जीवन की नई शुरुआत है। यदि प्रत्येक नागरिक अंगदान का संकल्प ले, तो हजारों परिवारों को नया जीवन और नई आशा मिल सकती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल लगातार अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान संचालित कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान किडनी दाताओं, प्रत्यारोपण लाभार्थियों, किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट की इंचार्ज सिस्टर दीक्षा तथा ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर सुषमा कोठियाल को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने अंगदान से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं, वैज्ञानिक तथ्यों और समाज में प्रचलित भ्रांतियों पर विस्तार से जानकारी दी तथा लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

इस अवसर पर डॉ. विवेक रोहिला, डॉ. गौरव शेखर शर्मा, डॉ. विवेक विज्जन, डॉ. नुपूर, डॉ. डोरछम सहित चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

 

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