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भव्य कलश यात्रा के साथ रामलीला महोत्सव-2026 का शुभारंभ, लोक संस्कृति के रंग में रंगी द्रोणनगरी

By: Naveen Joshi

On: Friday, October 9, 2026 5:27 PM

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देहरादून। प्रभु श्रीराम की भक्ति, आस्था और उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति के अद्भुत संगम के साथ ‘भव्य रामलीला महोत्सव-2026’ का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून की ओर से आयोजित इस महोत्सव के तहत प्राचीन हनुमान मंदिर, घंटाघर से निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मातृशक्ति और क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति संगीत, धार्मिक झांकियों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण राममय हो गया।
शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 21 अक्टूबर तक श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में आयोजित होने वाले इस महोत्सव का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला परंपरा को जीवंत बनाए रखना और भावी पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
कलश यात्रा का शुभारंभ प्राचीन हनुमान मंदिर, घंटाघर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद यात्रा पलटन बाजार, राजा रोड, प्रिंस चौक और त्यागी रोड से होते हुए श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स पहुंची। मार्ग में लगभग 11 स्थानों पर व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाते हुए धर्म और आस्था के इस आयोजन में सहभागिता की।
यात्रा में उत्तराखंड की विविध लोक संस्कृतियों की अनुपम छटा देखने को मिली। गढ़वाल के पारंपरिक ढोल-दमाऊं, शिव ढोल, जौनसार की रणसिंगा वाद्य परंपरा, कुमाऊं के प्रसिद्ध छोलिया नृत्य और पंजाबी ढोल की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। सजे-धजे घोड़ों पर सवार घुड़सवारों ने भगवान श्रीराम का ध्वज लेकर यात्रा की अगुवाई की। घोड़े-बग्गी, बैंड-बाजे, रामधुन, देव डोलियों और विभिन्न धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
राम झांकी में 10 फीट ऊंचे हनुमान जी और 12 फीट ऊंचे जामवंत जी की भव्य प्रतिमाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। वानर सेना, जामवंत के प्रतिरूप, भगवान श्रीराम दरबार और भगवान वाल्मीकि जी की झांकियों ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह पैदा किया। जंगम शिवालय में टपकेश्वर के महंत श्री 108 कृष्णागिरी जी महाराज ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। वहीं, पलटन बाजार में कालिका मंदिर समिति की ओर से प्रसाद वितरण किया गया। रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान पहुंचने पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का समापन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने प्रभु श्रीराम के भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
जलमग्न टिहरी की ऐतिहासिक परंपरा को संजोने का संकल्प
समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि पुरानी टिहरी, जो उत्तराखंड की प्राचीन धरोहर और गढ़वाल की ऐतिहासिक राजधानी रही है, की वर्ष 1952 से चली आ रही रामलीला परंपरा को टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान, मर्यादा और पारंपरिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजित रामलीला को विभिन्न माध्यमों से 85 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा था। इस वर्ष डिजिटल माध्यमों के जरिए एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक रामलीला पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए डिजिटल लाइव टेलीकास्ट सिस्टम, आधुनिक तकनीक और डिजिटल स्क्रीन की व्यवस्था की जाएगी।
रामलीला मंचन के साथ सजेगा भव्य मेला
महोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम की लीलाओं के मंचन के साथ भजन संध्या, उत्तराखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भव्य मेले का आयोजन होगा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकार अपनी लोक कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। गढ़वाल के ढोल-दमाऊं, जौनसारी रणसिंगा और कुमाऊं के छोलिया नृत्य के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता को मंच प्रदान किया जाएगा।
आयोजन के तहत 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद और लंका के पुतला दहन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं, 11 अक्टूबर को शाम छह बजे श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में पंचतत्व बैंड का विशाल कॉन्सर्ट होगा, जिसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति और संगीत को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।
कलश यात्रा में पूर्व विधायक राजकुमार, रेसकोर्स गुरुद्वारे के अध्यक्ष बलबीर सिंह बन्नी, कालिका मंदिर समिति के संजय आनंद, बजरंग दल के विकास वर्मा, संजय कनौजिया कद्दू, पवनदीप कुकरेजा, पार्षद अर्जुन सोनकर, वीरेंद्र बिष्ट, मुकेश सिंघल, दून वैली व्यापार मंडल के पंकज मेसोन, सुशील अग्रवाल, जावेद आलम, अमित पंत, दुर्गा भट्ट, अजय पैन्यूली, गिरीश पैन्यूली, नीता बहुगुणा, शशि पैन्यूली और नरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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