देहरादून। महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए आज विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। सुबह 11 बजे शुरू होने वाले इस एक दिवसीय सत्र में ‘नारी सम्मान, लोकतंत्र में अधिकार’ विषय पर विस्तृत चर्चा होगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के साथ हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव का समर्थन किया जाएगा। साथ ही, इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए निंदा प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है।
वहीं, विपक्ष ने महिला आरक्षण और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। विपक्ष की ओर से वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग उठाई जाएगी। साथ ही, महिला अपराध के मामलों को लेकर भी सरकार से जवाब तलब किया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि विशेष सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस विषय पर तथ्यों के साथ अपनी बात रखेगा और महिलाओं के अधिकार व सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर विरोध की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र में नारी शक्ति और उनके अधिकारों पर सार्थक चर्चा होगी।
सत्र के दौरान महिला आरक्षण को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच जोरदार बहस और संभावित हंगामे पर सभी की नजरें टिकी हैं।





