देहरादून, विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, देहरादून ने हड्डियों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने का अभियान चलाया। इस दौरान विशेषज्ञों ने शीघ्र निदान, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव की अहम कुंजी बताया।
कार्यक्रम के दौरान मैक्स अस्पताल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस एक गंभीर लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली बीमारी है, जो हड्डियों को कमजोर कर देती है और फ्रैक्चर का खतरा कई गुना बढ़ा देती है। यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं, बल्कि अलग-अलग आयु वर्ग के पुरुषों और महिलाओं को भी प्रभावित कर सकती है। विशेषकर रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाएं हार्मोनल बदलावों के कारण इसके अधिक खतरे में रहती हैं।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट, आर्थ्रोस्कोपी एवं स्पोर्ट्स इंजरी विभाग के निदेशक डॉ. गौरव गुप्ता ने कहा कि,
> “हड्डियों का स्वास्थ्य जीवनभर प्राथमिकता में होना चाहिए, क्योंकि ऑस्टियोपोरोसिस अक्सर बिना किसी लक्षण के बढ़ता रहता है। समय पर जांच, विशेषकर बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) टेस्ट, बेहद जरूरी है। पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन, नियमित वजनदार व्यायाम और तंबाकू व शराब से दूरी रखने से फ्रैक्चर का जोखिम काफी घटाया जा सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि मजबूत हड्डियों के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है — जिसमें संतुलित आहार, सक्रिय जीवनशैली और समय-समय पर जांच शामिल हैं। उन्होंने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को रोजमर्रा की दिनचर्या में हड्डियों की देखभाल को प्राथमिकता देने की अपील की।
डॉ. गुप्ता ने यह भी बताया कि नियमित अस्थि घनत्व जांच (Bone Density Test) से बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सकता है, जिससे समय रहते इलाज संभव हो पाता है और गंभीर जटिलताओं से बचाव होता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को यह समझाना था कि “मजबूत हड्डियां ही स्वस्थ जीवन की नींव हैं।”
