देहरादून। संडे मार्केट का आईएसबीटी क्षेत्र में स्थानांतरण अब स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। एमडीडीए की एचआईजी सोसायटी के सामने खाली भूखंड पर बाजार लगने के बाद से क्षेत्र में यातायात जाम, शोर-शराबा और अव्यवस्था आम हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी ठोस ट्रैफिक प्लान और बुनियादी तैयारी के लिया गया यह फैसला अब उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर भारी पड़ रहा है।
निवासियों के अनुसार, बाजार भले ही रविवार को लगता हो, लेकिन शनिवार रात से ही क्षेत्र में ठेलों और वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। सी और डी ब्लॉक के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। देर रात तक तेज़ आवाज़ में गाने, भीड़भाड़ और अव्यवस्थित गतिविधियों के कारण बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की नींद प्रभावित हो रही है।
रविवार को स्थिति और भी विकट हो जाती है। बाजार लगते ही आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को अपनी ही कॉलोनी में प्रवेश करने में कठिनाई होती है। कई बार एम्बुलेंस, स्कूल बस और कार्यालय जाने वाले लोग जाम में फंस जाते हैं। वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि पहले जिस समस्या से राहत मिली थी, अब प्रशासन ने उससे भी बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है।
स्थानीय एमडीडीए सोसायटी की ओर से जिलाधिकारी को लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक न कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही कोई जवाब मिला है। लोगों का कहना है कि बाजार शुरू होने के पहले ही दिन चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
निवासियों का आरोप है कि जिस स्थान पर संडे मार्केट लगाया गया है, वहां न तो पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक पुलिस की समुचित तैनाती। आईएसबीटी चौक, हरिद्वार रोड और सहारनपुर रोड पहले से ही अत्यधिक व्यस्त मार्ग हैं। ऐसे में बाजार के कारण जाम अब स्थायी समस्या बनता जा रहा है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि संडे मार्केट को किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए या जब तक ऐसा न हो, तब तक ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं। स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
