---Advertisement---

Surya Grahan 2026: 17 फरवरी को वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण, भारत में सूतक काल मान्य नहीं

By: Naveen Joshi

On: Friday, February 13, 2026 4:56 PM

Google News
Follow Us
---Advertisement---

देहरादून, वर्ष 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है। खगोल शास्त्र के अनुसार यह एक वलयाकार (कंकण) सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण का आरंभ भारतीय समयानुसार दोपहर 03:26 बजे, मध्य समय शाम 05:42 बजे तथा समापन शाम 07:57 बजे होगा। यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में घटित होगा।

खगोलविदों के अनुसार यह सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्य नहीं होगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं रहेगा। सामान्य रूप से सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ माना जाता है, जिसमें पूजा-पाठ एवं शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। लेकिन चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, अतः देशवासियों को सूतक से जुड़ी किसी भी प्रकार की धार्मिक पाबंदियों का पालन करने की आवश्यकता नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह वलयाकार सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी अफ्रीका, अंटार्कटिका तथा दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। जिन देशों में यह खगोलीय घटना देखी जा सकेगी, उनमें जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, नामीबिया, मॉरीशस, बोत्सवाना, मोजाम्बिक, अर्जेंटीना और चिली शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लोग विशेष सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से इस दुर्लभ खगोलीय दृश्य का अवलोकन कर सकेंगे।

राशियों पर संभावित प्रभाव

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग माना गया है—

मेष: रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे, करियर में सफलता।

वृष: करियर में परिवर्तन और उन्नति के योग।

मिथुन: आर्थिक व पारिवारिक चिंताएं, सावधानी आवश्यक।

कर्क: स्वास्थ्य पर ध्यान दें, कार्यों में विलंब संभव।

सिंह: पारिवारिक व करियर संबंधी चुनौतियां।

कन्या: कार्यों की बाधाएं दूर होंगी, जीवन में सुधार।

तुला: स्वास्थ्य व पारिवारिक मामलों में सतर्कता।

वृश्चिक: करियर में लापरवाही न करें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

धनु: मानसिक व शारीरिक स्थिति में सुधार, नए कार्यों की शुरुआत।

मकर: करियर में उतार-चढ़ाव, स्थान परिवर्तन के योग।

कुंभ: स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान, जल्दबाजी से बचें।

मीन: वैवाहिक जीवन में तनाव की संभावना, विवाद से बचें।

ग्रहण काल में उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि ग्रहण के प्रभाव को अशुभ माना जाए, तो ग्रहण काल में सूर्य देव या भगवान शिव के मंत्रों का जाप, गुरु मंत्र जप अथवा विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया जा सकता है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment