Advertisement

ग्राफिक एरा में टेराहर्ट्ज पर संगोष्ठी…

By: Naveen Joshi

On: Friday, November 21, 2025 5:59 PM

Google News
Follow Us

 

 

देहरादून,। ग्राफिक एरा में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने फोटोनिक्स और क्वांटम मैटेरियल्स से आए बदलावों पर मंथन किया।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में नेक्स्ट जेनरेशन फोटोनिक्स और क्वांटम मैटेरियल्स पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी आॅफ

एडेलेड के प्रो. डेरेक एबॉट ने कहा कि विज्ञान का वर्तमान दौर वह समय है, जब फोटॉनिक्स और टेराहर्ट्ज सेंसिंग जैसी उभरती तकनीकें हमारे भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। टेराहर्ट्ज तरंगें हमें वह देखने, मापने और समझने में सक्षम बनाती हैं, जो पहले तकनीक की सीमाओं के कारण संभव नहीं था।

आईआईटी दिल्ली के प्रो. अनुराग शर्मा ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर संचार तकनीक की रीढ़ है और आज की तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। इन तकनीकों का प्रभाव हाई-स्पीड इंटरनेट से लेकर क्वांटम कम्युनिकेशन और सेंसर-आधारित उद्योगों तक विस्तृत है।

संगोष्ठी में टीआईएफआर मुंबई के वैज्ञानिक और प्रो श्री गणेश प्रभु और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रो. राकेश कुमार सिंह ने भी संबोधित किया।

इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी और चैधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग लिया। अंत में छात्रों की मानकों से संबंधित जागरूकता और समझ का आकलन करने के लिए क्विज का आयोजन किया गया।

इस संगोष्ठी का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के फिजिक्स डिपार्टमेंट और मेरठ की चैधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वाधान से किया गया। कार्यक्रम में कुल सचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, एचओडी डा. एफ. एस. गिल, बीआईएस नोडल अधिकारी डा. ब्रिजेश प्रसाद, डा. किरन शर्मा, डा. साक्षी जुयाल, डा. दीपक कुमार, सीसीएस यूनिवर्सिटी के डा. अनिल मलिक, डा. नीरज पंवार समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल रहें।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

October 29, 2026

October 28, 2026

October 28, 2026

October 28, 2026

October 28, 2026

October 27, 2026

Leave a Comment