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पर्यटकों को भा रहा पहाड़ी स्वाद, महिलाओं को मिल रहा स्वरोजगार

By: Naveen Joshi

On: Friday, July 24, 2026 6:21 PM

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रीप परियोजना के सहयोग से संचालित 10 हिमालयन फूड वैन बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी बढ़ी

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत संचालित हिमालयन भोजनालय पर्यटकों, यात्रियों और राहगीरों को उत्तराखंड के पारंपरिक एवं पौष्टिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए यह पहल रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।

रीप (REAP) परियोजना के सहयोग से मई 2026 से जिले के विभिन्न विकासखंडों में वे-साइड ईटरी के रूप में 10 हिमालयन भोजनालय फूड वैन संचालित की जा रही हैं। इनमें रायपुर में 1, डोईवाला में 1, विकासनगर में 1, सहसपुर में 5 तथा कालसी में 2 फूड वैन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं।

कम्युनिटी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन (सीबीओ) मॉडल के तहत प्रत्येक भोजनालय की स्थापना लगभग 10 लाख रुपये की लागत से की गई है। इसमें 6 लाख रुपये रीप परियोजना, 3 लाख रुपये बैंक ऋण तथा 1 लाख रुपये स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के अंशदान से जुटाए गए हैं।

इन भोजनालयों से महिलाओं को प्रतिदिन औसतन 2 हजार रुपये तक की बचत हो रही है, जबकि यात्रा मार्गों पर संचालित फूड वैन से 3 से 4 हजार रुपये तक की दैनिक बचत दर्ज की जा रही है। इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।

रायपुर ब्लॉक में बांदल घाटी क्लस्टर लेवल फेडरेशन का ‘जय माता दी’ समूह हिमालयन भोजनालय का संचालन कर रहा है। समूह की सदस्य कविता सकलानी ने बताया कि इस पहल से गांव की 10 महिलाओं को रोजगार मिला है। तीन महिलाएं भोजनालय में पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजन तैयार करती हैं, जबकि अन्य महिलाएं घर पर बने पहाड़ी उत्पाद भोजनालय के माध्यम से पर्यटकों और यात्रियों तक पहुंचा रही हैं।

वहीं, डोईवाला विकासखंड के छिद्दरवाला स्थित चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालित हिमालयन भोजनालय भी यात्रियों की पहली पसंद बन रहा है। श्री देव सुमन क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा संचालित इस भोजनालय का संचालन मंजू कश्यप अपने पति लेखराज कश्यप के साथ कर रही हैं। लेखराज कश्यप ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जिससे कारोबार लगातार बढ़ रहा है और स्थानीय उत्पादों की मांग भी तेजी से बढ़ी है।

पहाड़ी उत्पादों की बढ़ी मांग

हिमालयन भोजनालयों में पारंपरिक भोजन के साथ स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों की भी अच्छी बिक्री हो रही है। इनमें पल्लर, अचार, हरा नमक, देसी घी, हल्दी, मिर्च, झंगोरा, विभिन्न प्रकार की दालें तथा मंडुवा जैसे उत्पाद प्रमुख हैं। पर्यटक इन उत्पादों को खरीदकर अपने साथ ले जा रहे हैं।

यात्रियों को भा रहा पहाड़ी स्वाद

भोजनालय में भोजन कर रहे यात्री आनंद कुमार शुक्ला ने कहा कि समूह की महिलाओं द्वारा स्नेह और पारंपरिक अंदाज में परोसा गया भोजन बेहद स्वादिष्ट है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है।

हनोल में भी खुलेगा नया हिमालयन भोजनालय

जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चकराता के हनोल मंदिर क्षेत्र के निकट भी जल्द हिमालयन भोजनालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मालदेवता और छिद्दरवाला स्थित भोजनालयों को पर्यटकों का उत्कृष्ट प्रतिसाद मिल रहा है, जिससे महिलाओं को अच्छा लाभ प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में महिलाओं का सशक्तीकरण

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में रीप परियोजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रभावी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे-साइड ईटरी की अवधारणा के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आधुनिक फूड वैन उपलब्ध कराई गई हैं, जिनसे वे रोजगार के साथ स्थानीय एवं पहाड़ी उत्पादों का विपणन भी कर रही हैं।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भोजनालय

हिमालयन भोजनालय पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम हैं। यहां आरामदायक बैठने की व्यवस्था, आकर्षक डिस्प्ले, पहाड़ी थीम पर आधारित डिज़ाइन तथा आधुनिक किचन की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।

चारधाम यात्रा से कारोबार को मिली गति

चारधाम यात्रा मार्ग पर डोईवाला, विकासनगर, कालसी और सहसपुर में संचालित हिमालयन फूड वैन महिलाओं के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन रही हैं। इन भोजनालयों के माध्यम से यात्रियों को उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिल रहा है, वहीं स्थानीय उत्पादों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

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