*उत्तराखंड का अनोखा मंदिर! भगवान शिव को समर्पित, नाम गोपीनाथ*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
गोपीनाथ मंदिर एक प्राचीन मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर अपने वास्तु के कारण अलग से पहचाना जाता है; इसका एक शीर्ष गुम्बद और ३० वर्ग फुट का गर्भगृह है, जिस तक २४ द्वारों से पहुँचा जा सकता है।
मंदिर के आसपास टूटी हुई मूर्तियों के अवशेष इस बात का संकेत करते हैं कि प्राचीन समय में यहाँ अन्य भी बहुत से मंदिर थे। मंदिर के आंगन में एक ५ मीटर ऊँचा त्रिशूल है, जो १२ वीं शताब्दी का है और अष्ट धातु का बना है। इस पर नेपाल के राजा अनेकमल्ल, जो १३ वीं शताब्दी में यहाँ शासन करता था, का गुणगान करते अभिलेख हैं। उत्तरकाल में देवनागरी में लिखे चार अभिलेखों में से तीन की गूढ़लिपि का पढ़ा जाना शेष है।
पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान शिव ने कामदेव को मारने के लिए अपना त्रिशूल फेंका तो वह यहाँ गढ़ गया। त्रिशूल की धातु अभी भी सही स्थित में है जिस पर मौसम प्रभावहीन है और यह एक आश्वर्य है। यह माना जाता है कि शारिरिक बल से इस त्रिशुल को हिलाया भी नहीं जा सकता, जबकि यदि कोई सच्चा भक्त इसे छू भी ले तो इसमें कम्पन होने लगता है।
गोपीनाथ मंदिर उत्तराखंड के चमोली जनपद के मुख्यालय गोपेश्वर में स्थित है। यह स्थान बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम की पैदल मार्ग का केंद्र बिंदु है। यह मंदिर सड़क सुविधा से जुड़ा है। मंदिर में वर्षभर शिव भक्तों का तांता लगा रहता है। श्रवण मास में कांवड़ यात्री की संख्या ज्यादा बढ़ जाती है।
उत्तराखंड का अनोखा मंदिर! भगवान शिव को समर्पित, नाम गोपीनाथ
By: prabhatchingari
On: Friday, July 26, 2024 5:29 PM







