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राष्ट्रपति पुलिस निशान से सम्मानित हुई उत्तराखण्ड पुलिस, देश में 16वें स्थान पर पहुंचा राज्य

By: Naveen Joshi

On: Friday, November 6, 2026 8:22 PM

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देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रिजर्व पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत किया। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड यह सम्मान प्राप्त करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया है। राज्य पुलिस बल की 25 वर्षों की सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान में यह प्रतिष्ठित निशान प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को सम्मानित किया गया। वहीं, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक अभिसूचना सौहकार पुण्डीर को पदक प्रदान किए गए। इस दौरान उत्तराखण्ड पुलिस के विशेष डाक आवरण और पुलिस पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

सेवा और समर्पण से पुलिस ने बनाई विशिष्ट पहचान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलना पूरे प्रदेश और पुलिस बल के प्रत्येक जवान के लिए गौरव का क्षण है। देवभूमि उत्तराखण्ड में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। चारधाम यात्रा, कुंभ मेले और अन्य बड़े आयोजनों में सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उत्तराखण्ड पुलिस पूरी निष्ठा से निभाती है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के बीच पुलिस जवानों ने साहस, संवेदनशीलता और समर्पण का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड पुलिस ने उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल प्रणाली के उपयोग से जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। पुलिस, न्यायालय, अभियोजन और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आम जनता को समयबद्ध न्याय मिल सके। उन्होंने मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर के मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य भी बताया।

अमित शाह ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखण्ड पुलिस के 206 वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय लगभग 13 हजार जवानों से शुरू हुई उत्तराखण्ड पुलिस आज 26 हजार से अधिक कर्मियों तक पहुंच चुकी है। नशे के विरुद्ध अभियान, साइबर अपराधों की रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में भी पुलिस की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में उत्तराखण्ड पुलिस के खिलाड़ियों द्वारा 37 पदक जीतने पर भी बधाई दी।

पुलिस के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को मिली राष्ट्रीय पहचान : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलने को उत्तराखण्ड पुलिस के गौरवशाली इतिहास का नया अध्याय बताते हुए सभी अधिकारियों और जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस बल के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की राष्ट्रीय मान्यता है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय उत्तराखण्ड पुलिस में लगभग 13 हजार जवान, 96 थाने और 42 चौकियां थीं। आज 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा में तैनात हैं। उन्होंने देश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक स्वर्गीय कंचन चौधरी भट्टाचार्य के उत्तराखण्ड पुलिस का नेतृत्व करने को भी प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। वर्तमान में पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी लगभग 14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा, पर्यटन, यातायात प्रबंधन और आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में उत्तराखण्ड पुलिस महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में सात हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 307 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। ऑपरेशन स्माइल के माध्यम से गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने और ऑपरेशन मुक्ति के जरिए भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रभावी जांच के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों से पुलिस बल को और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति जिम्मेदारियों को और अधिक बढ़ाने वाला गौरवपूर्ण सम्मान है। उत्तराखण्ड पुलिस भविष्य में भी अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से जनता का विश्वास मजबूत करती रहेगी।

समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, तीरथ सिंह रावत एवं डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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