उत्तरकाशी, । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी के पौराणिक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं शक्ति मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक रामलीला मैदान में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम का प्रसारण भी देखा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले ढाई दशक में जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को अपने सार्वजनिक जीवन का मूल आधार बनाया है। सेवा ज्योति यात्रा जनसेवा, राष्ट्रभाव और जनकल्याण के इसी संकल्प का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनधन योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। शासन को सरकारी कार्यालयों और फाइलों तक सीमित रखने के बजाय जनता के द्वार तक पहुंचाने का काम हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ ही उद्योग, पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। होटल की संख्या में करीब 25 प्रतिशत और होमस्टे में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य को लगातार चार वर्षों से मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान मिला है तथा उत्तराखंड पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि भी हासिल कर चुका है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के प्रयासों के परिणामस्वरूप इस वर्ष अब तक 56 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। उत्तरकाशी जिले में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 50 योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, जिनमें 26 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 24 पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, भू-कानून और नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप लगभग पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिली हैं।
विश्वनाथ-शक्ति मंदिर कॉरिडोर की घोषणा
मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में विश्वनाथ-शक्ति मंदिर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां शक्ति का यह पवित्र स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने गाजणा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी के उच्चीकरण की मांग का परीक्षण कराने की बात कही। भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने इसके शीघ्र अनुमोदन के लिए आवश्यक प्रयास करने की बात कही। डोडीताल, अवाना बुग्याल और हरि महाराज सौड़ बुग्याल के विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी का नाम पूर्व विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत के नाम पर किए जाने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण एवं केदार सिंह रावत, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।













