Advertisement

युवाओं को स्वदेशी विकास, अनुसंधान और नवाचार के लिए किया प्रेरित

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, September 23, 2026 4:27 PM

Google News
Follow Us

देहरादून,  यूपीईएस में आयोजित यूथ कनेक्ट कार्यक्रम में करीब 600 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, राष्ट्र निर्माण, भारतीय मूल्यों और वर्ष 2047 तक भारत की विकास यात्रा को लेकर सार्थक संवाद हुआ। विद्यार्थियों को स्वदेशी विकास, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में शिक्षाविद्, प्रेरक वक्ता, लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मुकुल कनिटकर ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय पहचान और मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए देश के विकास एवं परिवर्तन में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की प्रगति के लिए स्वदेशी विकास, अनुसंधान, नवाचार और स्वदेशी तकनीकों का विकास महत्वपूर्ण है।
कनिटकर ने विद्यार्थियों से पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर उद्यमशील सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजक और उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी शिक्षा और कौशल को समाज तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना से जोड़कर देश के विकास में सार्थक योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वक्ता के साथ संवाद किया और विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। चर्चा में रचनात्मक सोच विकसित करने, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तैयार करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

इस अवसर पर मनीष मदान, प्रो वाइस चांसलर-ऑपरेशंस एंड ग्रोथ इनिशिएटिव्स एवं रजिस्ट्रार, यूपीईएस ने कहा कि अनुसंधान और नवाचार युवा विद्यार्थियों की सोच के केंद्र में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपीईएस विद्यार्थियों को शिक्षा, मार्गदर्शन और मेंटरशिप उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे अपने विचारों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान में बदल सकें। उन्होंने अनुशासन, कड़ी मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारी को भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में डॉ. वीना दत्ता, प्रो वाइस चांसलर, यूपीईएस; प्रो. डी.के. गुप्ता; धनंजय, विभाग प्रचारक; डॉ. वैभव प्रताप सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम के आयोजन में लोकेंद्र शर्मा, प्रमुख, सरकारी संबंध एवं सामाजिक आउटरीच विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम संयोजक मनीष कुमार दुबे एवं डॉ. भालचंद्र शिंगण ने योजना एवं तैयारियों में योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ध्रुव कुमार ने किया।

करीब 600 विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता वाला यूथ कनेक्ट कार्यक्रम स्वदेशी विकास, नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता जैसे विषयों पर संवाद का मंच बना। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के शोधकर्ता, नवप्रवर्तक, उद्यमी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी क्षमता पहचानने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि युवा वर्ष 2047 तक भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment