देहरादून। उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा 2026 श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक इंतजामों के चलते अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर सकुशल अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट चुके हैं। केवल 6 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे तक 39 लाख 15 हजार कांवड़ यात्रियों ने हरिद्वार और अन्य गंगाघाटों से गंगाजल लेकर वापसी की, जो यात्रा के सुचारु संचालन का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सहायता तथा कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के कारण लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। यात्रा मार्गों पर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की शिवभक्त खुले मन से सराहना कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का भी महापर्व है। उन्होंने सभी कांवड़ यात्रियों, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित बनाए रखने में निरंतर सहयोग देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग, समन्वय और अनुशासन से कांवड़ यात्रा 2026 का सफल संचालन सुनिश्चित होगा तथा उत्तराखंड एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं, अतिथि सत्कार और देवभूमि की गौरवशाली परंपरा का परिचय पूरे देश के सामने प्रस्तुत करेगा।









