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यूपीईएस का ‘दृष्टिकोण 3.0’ बेंगलुरु में, उद्योग-शिक्षा साझेदारी पर जोर

By: Naveen Joshi

On: Thursday, April 2, 2026 10:51 PM

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देहरादून/बेंगलुरु, अग्रणी बहुविषयक एवं शोध-आधारित विश्वविद्यालय यूपीईएस ने बेंगलुरु में अपने विशेष नेतृत्व संवाद मंच ‘दृष्टिकोण 3.0’ का सफल आयोजन किया। इस आमंत्रण-आधारित मंच का उद्देश्य उद्योग और शिक्षाजगत के बीच उभरते विचारों, व्यावसायिक परिवर्तनों और तेजी से बदलती दुनिया के अनुरूप प्रतिभा निर्माण पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना रहा।

इस संस्करण का मुख्य विषय ‘इकोसिस्टम कन्वर्जेन्स: इंडस्ट्री, इनोवेशन, इंटेग्रिटी’ रहा, जिसमें डीपटेक, स्टार्ट-अप एक्सेलरेशन और जीसीसी ट्रांसफॉर्मेशन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन क्षेत्रों का संगम किस प्रकार प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त, औद्योगिक सुदृढ़ता और भविष्य की क्षमताओं के निर्माण को नया आयाम दे रहा है।

कार्यक्रम के दौरान दो प्रमुख सत्र आयोजित किए गए—‘इनोवेशन एंड डिजाइन’ और ‘टेक्नोलॉजी एंड टैलेंट’। इन सत्रों में डिजाइन की मानवीय अनुभवों को आकार देने में भूमिका तथा नवाचार के माध्यम से उद्यम परिवर्तन को गति देने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही, भविष्य के कौशल और शिक्षण मॉडल विकसित करने के लिए उद्योग और शिक्षाजगत के बीच सहयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण यूपीईएस और डेल टेक्नोलॉजीज़ के बीच एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा रही, जिसे एमओयू के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया। इस सहयोग के तहत करिकुलम एन्हांसमेंट, फैकल्टी इमर्शन, गेस्ट लेक्चर्स, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट जैसे अवसर छात्रों और शिक्षकों को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उद्योग-संबद्ध शिक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

इस आयोजन में विभिन्न वैश्विक संगठनों से जुड़े 17 वरिष्ठ उद्योग नेताओं ने भाग लिया। इनमें एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और टैलेंट स्ट्रैटेजी जैसे विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल रहे।

इस अवसर पर यूपीईएस के कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा कि उच्च शिक्षा का भविष्य उद्योग से मजबूत साझेदारियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ‘दृष्टिकोण’ मंच अकादमिक और उद्योग जगत के बीच एक विश्वसनीय संवाद स्थापित करने का माध्यम है, जहां विचारों के आदान-प्रदान से उद्देश्यपूर्ण साझेदारियां विकसित होती हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुनील राय के स्वागत संबोधन से हुई, जबकि समापन यूपीईएस के रजिस्ट्रार श्री मनीष मदान के वक्तव्य के साथ हुआ। आयोजन में औपचारिक चर्चाओं के साथ-साथ नेटवर्किंग के अवसर भी प्रदान किए गए, जिससे प्रतिभागियों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा मिला।

यूपीईएस ‘दृष्टिकोण’ जैसे मंचों के माध्यम से लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है, जो पारंपरिक अकादमिक आयोजनों से आगे बढ़कर उद्योग, तकनीक और समाज में परिवर्तन लाने वाले मुद्दों पर प्रभावी संवाद स्थापित करते हैं।

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