*चमोली के माणा गांव व माणा पास के मध्य हुऐ हिमस्खलन होने से मलवे में 57 मजदूर फंसे, राहत व बचाव कार्य जारी*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
जनपद चमोली में बारिश व बर्फबारी का के चलते माणा गांव व माणा पास के मध्य हिमस्खलन होने की सूचना प्राप्त हुई है। हिमस्खलन होने से बी आर ओ के एक कैम्प के अंदर 50 से अधिक मजदूरों के दबने की प्राथमिक जानकारी मिली है।
चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम के समीप स्थित माना गांव के पास एक ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में सीमा सड़क संगठन (BRO) के ठेकेदार के तहत काम कर रहे 57 मजदूर मलबे में दब गये। अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष 41 मजदूरों को निकालने के लिऐ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।आईजी राजीव स्वरूप के अनुसार सभी को सुरक्षित निकालने और मार्ग खोलने के प्रयास लगातार जारी हैं।
वर्तमान में, राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमें शामिल हैं। क्षेत्र में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, बचाव दल मलबे में फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिऐ हर संभव प्रयास कर रहे हैं! इस घटना ने 2021 में हुयी गळेशियर टूटने की घटना को ताज़ा कर दिया है! जिसमें काफ़ी नुकसान हो गया था।
इस सूचना के प्राप्त होते ही SDRF कमांडेंट के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए नजदीकी पोस्ट जोशीमठ से SI देवीदत्त बर्थवाल के नेतृत्व में SDRF टीम घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। साथ ही गौचर एवम सहस्रधारा, देहरादून पोस्ट पर हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को तैयार कर दिया गया है।



