ऋषिकेश। देश के चिकित्सा क्षेत्र को मजबूती देने वाले संस्थानों में अग्रणी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के पांचवें दीक्षांत समारोह का आयोजन सोमवार को भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने की। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसी अनुभूति है, जो छात्र जीवन की उपलब्धियों की सार्वजनिक मान्यता है।’ नड्डा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देना है, जो केवल उपचार तक सीमित न हों, बल्कि निवारक, उपशामक और पुनर्वासिक स्वरूप में भी हों। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 101 प्रतिशत, एमबीबीएस सीटों में 130 प्रतिशत और पीजी सीटों में 138 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।

एम्स ऋषिकेश की उपलब्धियों पर विशेष बल देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने हेलीकॉप्टर और ड्रोन सेवाओं की मदद से गंभीर मरीजों के लिए की गई 309 जीवनरक्षक उड़ानों और ई-संजीवनी जैसी टेलीमेडिसिन सेवाओं के उपयोग को देश के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सरकार प्रत्येक एमबीबीएस छात्र पर 30 से 35 लाख रुपये खर्च करती है, ऐसे में यह आवश्यक है कि चिकित्सक सेवा की भावना और समर्पण के साथ कार्य करें।’
