*जिलाधिकारी दूल्हा और डॉक्टर दुल्हन! बिना फिजूलखर्ची के रचाया ब्याह, चर्चाओं में उत्तराखण्ड की ये शादी*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
आमतौर पर जहां लोग शादी विवाह में फिजूलखर्ची और शान-ओ-शौकत की नुमाइश करते हैं। वहीं उत्तराखंड में एक आईएएस की शादी चर्चाओं में है। क्योंकि जब बात किसी बड़े अधिकारी की शादी की होती है तब वीवीआईपी शादी ही होती है। लेकिन उत्तराखंड के इस जिलाधिकारी ने भगवान को साक्षी मानकर बेहद सादगी से शादी कर एक मिसाल पेश की है। जी हां ये हैं चमोली जिले के जिलाधिकारी संदीप तिवारी, जिन्होंने हाल ही में डॉक्टर पूजा से सादगी के साथ विवाह किया। उन्होंने न तो कोई भव्य आयोजन किया और न ही किसी विशेष तामझाम की व्यवस्था की। बल्कि अपने व्यस्त प्रशासनिक दायित्वों के बीच समय निकालते हुए सामान्य रीति-रिवाजों के साथ विवाह की रस्में निभाईं और भगवान गोपीनाथ के आशीर्वाद के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। उनकी पत्नी डॉक्टर पूजा डालाकोटी हल्द्वानी के तीनपानी क्षेत्र की निवासी हैं और वर्तमान में सुशीला तिवारी अस्पताल में ईएनटी विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
डॉक्टर संदीप तिवारी की यह सादगी और संवेदनशीलता लोगों को खूब पसंद आ रही है। संदीप तिवारी ने बताया कि उन्होंने धार्मिक मान्यताओं के साथ शादी करने का फैसला लिया, जिसपर उनकी धर्मपत्नी पूजा डालाकोटी की भी सहमति थी। उन्होंने कहा कि हमारे शिमला हिमाचल प्रदेश में शादी की रीति-रिवाज अन्य जगहों की तरह कुछ अलग हटकर होता है इसलिए उन्होंने मंदिर में शादी करने का फैसला लिया। बता दें कि हिमाचल के रहने वाले संदीप तिवारी चमोली के जिलाधिकारी हैं। उत्तराखंड में सरकारी सेवा में उनकों 6 साल हो चुके हैं। पहले एसडीएम और उसके बाद नैनीताल में सीडीओ और एमडी कुमाऊं मंडल रह चुके हैं और वर्तमान समय में चमोली के जिला अधिकारी हैं। प्रदेश के सबसे मेहनती और ईमानदार आईएएस अधिकारियों में गिने जाने वाले डॉक्टर संदीप तिवारी अक्सर अपने प्रशासनिक कार्यों में नवाचार, तत्परता और जनसेवा की भावना के लिए चर्चा में रहते हैं। अब उनकी निजी जिंदगी का यह अध्याय भी समाज के लिए एक मिसाल बन गया है कि सादगी ही असली शान होती है।
