देहरादून,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर न रह जाएं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करे। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक अलग से विस्तृत बैठक आयोजित की जाए और मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेलीमेडिसिन के माध्यम से सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेजों से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।
आयुष एवं वेलनेस सेक्टर पर विशेष जोर
आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में योग, वेलनेस और आयुष आधारित सेवाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तराखंड में घोषित दो “स्पिरिचुअल जोन” के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। साथ ही राज्य में आधुनिक हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर की स्थापना तथा पुराने केंद्रों के उन्नयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वार्षिक लक्ष्य तय कर कार्य किया जाए। जीएमवीएन, केएमवीएन एवं वाइब्रेंट विलेज स्कीम के अंतर्गत भी हेल्थ और वेलनेस सेंटर की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।
योग निदेशालय की स्थापना और 1100 करोड़ की आयुष ग्राउंडिंग
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य की योग नीति के तहत योग निदेशालय की स्थापना की जाएगी और योग केंद्रों का पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही नए योग केंद्रों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। निवेशक सम्मेलन के पश्चात आयुष सेक्टर में 1100 करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है।
प्रदेश में 300 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एन.ए.बी.एच. मानकों के अनुरूप उच्चीकृत किया जा रहा है, जिनमें से 149 का प्रमाणीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
समीक्षा बैठक में वर्चुअल माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जुड़े। बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. राजेश कुमार, दीपेन्द्र चौधरी, श्रीधर बाबू अदांकी, आयुष निदेशक विजय कुमार जोगदण्डे, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
