देहरादून,
उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आज एक दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचीं। करीब एक साल बाद राजधानी पहुंचीं शैलजा ने कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन सृजन कार्यक्रम और राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी की आंदोलनात्मक रणनीति पर चर्चा की।
बैठक में सह प्रभारी परगट सिंह व सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत सहित कई विधायक मौजूद रहे।
सितंबर में आएंगे केंद्रीय पर्यवेक्षक
कुमारी शैलजा ने बताया कि संगठन सृजन कार्यक्रम को लेकर यह बैठक अहम रही। उन्होंने कहा कि सितंबर में एआईसीसी द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक उत्तराखंड दौरे पर आएंगे। प्रत्येक जिले में एक केंद्रीय पर्यवेक्षक और उत्तराखंड कांग्रेस के तीन-तीन पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जो 10 से 12 दिन तक जिलों में रहकर कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से संवाद करेंगे।
एआईसीसी को भेजी जाएगी रिपोर्ट
शैलजा ने कहा कि पर्यवेक्षक जिलों में रहकर संगठनात्मक ढांचे का आकलन करेंगे और अपनी रिपोर्ट एआईसीसी को भेजेंगे। उसी आधार पर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो कार्यकर्ता मजबूती से काम कर रहे हैं उन्हें आगे भी जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि जरूरत पड़ने पर बदलाव भी किए जाएंगे।
नए लोगों को मिलेगा मौका
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि नए चेहरों को संगठन से जोड़ा जाए, ताकि संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भी यही मंशा है कि संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाए।
बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि जनता ने बदलाव का संदेश दे दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर धनबल और सत्ताबल का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग अब इस सरकार से त्रस्त हो चुके हैं। शैलजा ने कहा कि पंचायत चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस को चेताया है और आने वाले समय में पार्टी संगठन को जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर तक और सशक्त करेगी।
संगठन सृजन पर करन माहरा का बयान
प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि लंबे समय से संगठन को नए स्वरूप में ढालने की तैयारी चल रही थी, जिसे अब मूर्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कांग्रेस को कैडर बेस्ड पार्टी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। पर्यवेक्षक जिलों में हजारों लोगों से संवाद करेंगे और उनकी राय को संगठन की मजबूती में शामिल किया जाएगा।
