देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ग्राम चालंग में 500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की खबरों को पूरी तरह आधारहीन और असत्य करार दिया है। प्राधिकरण ने कहा है कि इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर न तो कोई स्वीकृति दी गई और न ही किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया कि चालंग क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कोई योजना स्वीकृत ही नहीं है, ऐसे में घोटाले का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि प्रकाशित और प्रसारित की जा रही खबरें न केवल भ्रामक हैं, बल्कि जनमानस को गुमराह करने वाली भी हैं।
सचिव ने जानकारी दी कि ग्राम चालंग की निजी भूमि पर एक भू-स्वामी द्वारा वर्ष 2017 से 2019 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना (हाउसिंग फॉर ऑल) के अंतर्गत एक प्रस्ताव अवश्य प्रस्तुत किया गया था, लेकिन शासन स्तर से उसे कभी स्वीकृति नहीं मिली। यह मात्र एक निजी हाउसिंग मॉडल था, जिसे पीएम आवास योजना का स्वरूप देकर आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया था। राज्य सरकार से मान्यता न मिलने के बाद यह प्रस्ताव स्वतः ही निरस्त हो गया। इसके बावजूद हाल में कुछ मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ घोटाले का दावा किया गया, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने भी दोहराया कि “प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालंग क्षेत्र में कोई स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। सभी योजनाएं नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ संचालित की जाती हैं। जनता से अपील है कि ऐसी अफवाहनुमा खबरों पर विश्वास न करें।”
एमडीडीए ने कहा है कि समाचार पत्रों और चैनलों में प्रसारित खबरें पूरी तरह से अफवाह हैं। प्राधिकरण ने लोगों से आग्रह किया है कि बिना प्रमाण वाली सूचनाओं पर ध्यान न दें और सही जानकारी के लिए सीधे प्राधिकरण से संपर्क करें।
