देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन परेड ग्राउंड से दर्शनलाल चौक तक 4.5 किमी लंबी शोभायात्रा निकाली गई। सभी राज्यों से आए 1500 से अधिक छात्र–छात्राओं की सहभागिता से यह यात्रा लघु भारत का अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत करती दिखी। मार्गभर देहरादूनवासियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा।
अधिवेशन का शुभारंभ “शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका” विषयक सत्र से हुआ, जिसमें अभाविप के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने उद्बोधन दिया। इसके पश्चात पाँच समानांतर सत्रों में Gen-Z वैश्विक आंदोलन, AI चैटजीपीटी एवं शिक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ, ऑपरेशन सिंदूर, जनसंख्या असंतुलन तथा विकसित भारत के लक्ष्य जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
शोभायात्रा में ‘अलग भाषा–अलग वेश, फिर भी अपना एक देश’ की थीम के साथ देश की सांस्कृतिक व भौगोलिक विविधता का जीवंत प्रदर्शन हुआ। विभिन्न प्रदेशों के पारंपरिक परिधानों, लोकसंस्कृतियों और tableaux ने भारत की अखंडता एवं एकात्मता का सशक्त संदेश दिया। परेड ग्राउंड से प्रारंभ हुई यात्रा सर्वे चौक, भेल चौक, एश्ले हॉल चौक, घंटाघर होते हुए दर्शनलाल चौक पहुंचकर खुले अधिवेशन के पश्चात संपन्न हुई।
खुले अधिवेशन में अभाविप राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने युवाओं, शिक्षा, छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ एवं समाज से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, उत्तराखण्ड प्रांत अध्यक्ष प्रो. जे.पी. भट्ट एवं प्रांत मंत्री ऋषभ रावत सहित बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
